3 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 03 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार है। गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने और केले के वृक्ष का पूजन करने से ज्ञान, वैवाहिक सुख, सौभाग्य और धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा गुरु ग्रह के शुभ फल प्राप्त होते हैं।
03 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– श्रावण
पक्ष: कृष्ण
तिथि: षष्ठी (प्रातः 04:26 बजे तक), तत्पश्चात सप्तमी तिथि प्रारंभ।
दिन: बृहस्पतिवार
नक्षत्र: भरणी (प्रातः 01:43 बजे तक), तत्पश्चात कृतिका नक्षत्र प्रारंभ।
योग: व्याघात (शाम 06:32 बजे तक), तत्पश्चात हर्षण योग प्रारंभ।
करण: वणिज (शाम 03:27 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) करण प्रारंभ।
प्रविष्टे: 18 भाद्रपद
ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: सूर्योदय: प्रातः 06:02 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:39 बजे
चन्द्रोदय: रात 10:19 बजे
चन्द्रास्त: दोपहर 12:08 बजे (4 सितंबर)
चन्द्र राशि: प्रात: 07:25 बजे तक मेष राशि उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा
सूर्य राशि: सूर्य देव सिंह राशि पर गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:27 से 05:15 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:55 से 11:43 बजे तक।
अमृत काल: दोपहर 10:12 से 12:46 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 से 03:20 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: बृहस्पतिवार: दोपहर 01:30 से 03 बजे तक। (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: प्रातः 06:02 से 07:36 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:14 से 11:05 बजे तक एवं दोपहर 03:20 से 04:11 बजे तक।
भद्रा (विष्टि): शाम 04:09 बजे से अगले दिन प्रातः 04:18 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
शीतला सप्तमी / कृष्ण पक्ष सप्तमी: भाद्रपद कृष्ण सप्तमी का पावन संयोग, आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए पूजन का विशेष विधान।
गुरुवार व्रत एवं विष्णु पूजन: वैवाहिक सुख, ज्ञान, आध्यात्मिक उन्नति और करियर में सफलता के लिए भगवान श्री हरि विष्णु व देवगुरु बृहस्पति का पूजन।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज गुरुवार का दिन है और भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तिथि का शुभ संयोग बन रहा है, इसलिए कार्यक्षेत्र में सफलता, भाग्योदय और भगवान श्री हरि विष्णु व देवगुरु बृहस्पति की कृपा पाने के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात पीले वस्त्र धारण करें। विष्णु जी को पीले पुष्प, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। आज के दिन केले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित कर दीपक जलाना और किसी जरूरतमंद को चने की दाल, हल्दी या पीले वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ और सर्वकार्य सिद्धिदायक माना जाता है।