Kangra News: कांगड़ा में ई-बसों का जलवा, 45 ई-बसों ने बदला सफर का अंदाज़, आधे से भी कम हुआ परिचालन खर्च

18 घंटे पहले
Kangra News HRTC Electric Bus Dharamshala

Kangra News: हिमाचल प्रदेश को देश का पहला ग्रीन राज्य बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए कांगड़ा जिले में ई-परिवहन ने रफ्तार पकड़ ली है। धर्मशाला सहित पूरे कांगड़ा मंडल में वर्तमान में 45 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न रूटों पर यात्रियों को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सेवाएं दे रही हैं। एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक इंजीनियर पंकज चड्ढा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के मार्गदर्शन में हिमाचल को ई-वाहन के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनाया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों, स्वचालित बंद होने वाले दरवाजों और बिना शोर के संचालित होने वाली इन बसों ने यात्रियों और पर्यटकों के सफर का अंदाज पूरी तरह बदल दिया है।

 

डीजल से आधी लागत: प्रति किलोमीटर परिचालन खर्च में भारी बचत

इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में शामिल होने से एचआरटीसी को वित्तीय मोर्चे पर जबरदस्त राहत मिली है। जहां सामान्य डीजल बसों के संचालन पर औसतन 25 से 26 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है, वहीं ई-बसों का परिचालन खर्च घटकर महज 11 से 12 रुपये प्रति किलोमीटर रह गया है। इसके अलावा बसों के बेहतर रखरखाव और तकनीकी सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए निर्माण कंपनी के साथ 12 वर्षों का लंबा अनुबंध किया गया है, ताकि लंबे समय तक बसों के संचालन में कोई बाधा न आए।

 

6.35 करोड़ से बने ई-चार्जिंग स्टेशन: 250 किमी तक का तय हो रहा सफर

कांगड़ा जिले में धर्मशाला, नगरोटा बगवां, देहरा, पालमपुर, पठानकोट, बैजनाथ, जसूर और कांगड़ा में लगभग 6.35 करोड़ रुपये की लागत से ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं जयसिंहपुर और शाहपुर में 1.26 करोड़ रुपये की लागत से नए चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। चालकों को दिए गए विशेष प्रशिक्षण और रूट प्लानिंग की बदौलत ये ई-बसे एक बार फुल चार्ज होने पर 170 से 250 किलोमीटर तक का सफर प्रभावी ढंग से तय कर रही हैं, जिससे अंतरराज्यीय रूटों पर सवारियों और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

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