9 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

2 सप्ताह पहले
आज का पंचांग

9 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शुक्रवार का दिन धन-वैभव की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी और धन वैभव के कारक ग्रह शुक्र को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का तेरहवां दिन है। आज के दिन त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध (मघा श्राद्ध) एवं प्रदोष व्रत का पावन संयोग है। शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी और भगवान शिव की पूजा-आराधना करने, उन्हें मखाने की खीर व गुलाबी पुष्प अर्पित करने और पितरों के निमित्त तर्पण व दान करने से धन, ऐश्वर्य, समृद्धि, संतान सुख और पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

ज्योतिषाचार्य मणि पुरोहित (Mani Purohit) द्वारा प्रस्तुत यह पंचांग आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष की सम्पूर्ण जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार शुभ दिन, शुभ तारीख और शुभ समय पर कार्य आरंभ करने से किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाते हैं। अगर आप भी आज कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो देखिए आज का पंचांग और जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त, और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल।

 

9 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– आश्विन, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण

तिथि: त्रयोदशी (रात 07:11 बजे तक), उपरांत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ।

दिन: शुक्रवार

नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी (शाम 05:27 बजे तक), उपरांत उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ।

योग: शुक्ल (रात 11:58 बजे तक), उपरांत ब्रह्म योग प्रारंभ।

करण: तैतिल (सुबह 08:24 बजे तक), उपरांत गारा करण (रात 07:11 बजे तक), तत्पश्चात वणिज करण।

प्रविष्टे: 23 आश्विन

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:26 बजे

सूर्यास्त: सायं 05:53 बजे

चन्द्रोदय: रात 03:47 बजे (10 अक्तूबर)

चन्द्रास्त: सायं 05:32 बजे (9 अक्तूबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमा रात 11:03 बजे तक सिंह राशि में गोचर करेगा, तत्पश्चात कन्या राशि में प्रवेश करेगा।

सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

9 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:49 से 05:38 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 बजे तक।

अमृत काल: दोपहर 10:48 से 12:18 बजे तक।

आनन्दादि योग: मुद्गर (शाम 05:27 बजे तक), उपरांत छत्र योग।

 

9 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: सुबह 10:46 से दोपहर 12:13 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: दोपहर 03:02 से शाम 04:29 बजे तक।

कुलिक: सुबह 07:52 से 09:19 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 08:43 से 09:30 बजे तक एवं दोपहर 12:32 से 01:18 बजे तक।

वर्ज्यम्: प्रातः 03:55 से 05:26 बजे तक (10 अक्तूबर)।

 

9 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व

त्रयोदशी तिथि श्राद्ध (मघा श्राद्ध): आश्विन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध एवं पितृ तर्पण।

शुक्रप्रदोष व्रत: भगवान शिव एवं माता पार्वती की कृपा प्राप्ति हेतु प्रदोष काल में विशेष पूजा।

शुक्रवार व्रत एवं महालक्ष्मी पूजन: सुख-समृद्धि, धन-धान्य व ऐश्वर्य प्राप्ति हेतु मां लक्ष्मी की आराधना।

 

9 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)

आज शुक्रवार का दिन है और पितृ पक्ष की त्रयोदशी तिथि (मघा श्राद्ध) के साथ शुक्रप्रदोष व्रत का पावन संयोग है। प्रातः स्नान के बाद मां महालक्ष्मी और संध्या समय भगवान शिव का पूजन करें। शिवलिंग पर कच्चा दूध व सफेद चंदन अर्पित करें तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ श्रीं महालक्ष्मै नमः’ का जाप करें। इसके पश्चात दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के निमित्त जल, तिल, दूध व कुशा से तर्पण करें तथा किसी निर्धन स्त्री या ब्राह्मण को सफेद वस्त्र, चावल, चीनी या दूध से बनी मिठाई का दान करें। इससे मां लक्ष्मी और भगवान भोलेनाथ की कृपा से घर में धन-वैभव बढ़ेगा और पितरों के आशीर्वाद से वंश वृद्धि व सुख-शांति बनी रहेगी।

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