9 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

3 सप्ताह पहले
आज का पंचांग

9 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 9 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। बुधवार का दिन बुद्धि, विवेक और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी तथा बुध देव को समर्पित होता है। बुधवार के दिन गणपति जी की पूजा-अर्चना करने, उन्हें दुर्वा अर्पित करने और मोदक का भोग लगाने से जीवन में सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं तथा बुद्धि, व्यापार और करियर में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है।

 

9 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– श्रावण

पक्ष: कृष्ण

तिथि: त्रयोदशी (दोपहर 12:31 बजे तक), उपरांत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ।

दिन: बुधवार

नक्षत्र: आश्लेषा (दोपहर 03:14 बजे तक), उपरांत मघा।

योग: शिव (रात 09:51 बजे तक), उपरांत सिद्ध।

करण: वणिज (दोपहर 12:31 बजे तक), विष्टि (रात 11:30 बजे तक), उपरांत शकुनि करण प्रारंभ।

प्रविष्टे: 24 भाद्रपद

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:06 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:31 बजे

चन्द्रोदय: मध्यरात्रि 03:49 बजे (9 सितंबर)

चन्द्रास्त: सायं 05:31 बजे

चन्द्र राशि: चंद्रमा दोपहर 03:14 बजे तक कर्क राशि में रहने के उपरांत सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

सूर्य राशि: सूर्य देव सिंह राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:30 से 05:18 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं।

अमृत काल: दोपहर 01:42 से 03:12 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:24 से 03:15 बजे तक।

 

राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)

राहुकाल: दोपहर 12 से 01:30 बजे तक। (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: प्रातः 07:39 से 09:12 बजे तक।

कुलिक: सुबह 10:45 से दोपहर 12:18 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 11:53 से दोपहर 12:43 बजे तक।

वर्ज्यम्: प्रातः 04:41 से 06:11 बजे तक।

भद्रा: दोपहर 12:31 बजे से रात 11:30 बजे तक।

 

आज के प्रमुख व्रत और पर्व

मास शिवरात्रि: भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी तिथि के अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना का पावन पर्व।

बुधवार व्रत एवं गणेश पूजन: बुद्धि, ज्ञान, वाणी और व्यापारिक उन्नति के लिए श्री गणेश जी का पूजन।

 

आज का विशेष उपाय (Special Remedy)

चूंकि आज बुधवार का दिन है और भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी व चतुर्दशी तिथि (मास शिवरात्रि) का योग है, इसलिए बाधाओं से मुक्ति, बुद्धि-विवेक और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात मंदिर में भगवान श्री गणेश को 21 दूर्वा (दूब घास) अर्पित करें और मोदक या मोदक-मिष्ठान का भोग लगाएं। ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें। शाम के समय मास शिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना अत्यंत शुभ और सर्वकार्य सिद्धिदायक माना जाता है।

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