Himachal News: हिमाचल प्रदेश में 2026 के आम जनमानस के लिए सुक्खू सरकार ने सौगातों का पिटारा खोल दिया है। हिमाचल प्रदेश राजपूत कल्याण बोर्ड की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कई ऐतिहासिक योजनाओं की घोषणा की। सीएम सुक्खू ने साफ किया कि आगामी 2 अक्तूबर 2026 से प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ का धमाकेदार आगाज होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत राज्य के करीब 2 लाख अतिनिर्धन परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की सीधी आर्थिक मदद दी जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इस योजना में 90 हजार ऐसे छूटे हुए परिवारों को शामिल किया गया है जिन्हें आज तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नसीब नहीं हुआ था।
प्राकृतिक खेती और दूध की खरीद पर देश में सबसे तगड़ा तड़का, MSP पर मुहर
किसानों और पशुपालकों को समृद्ध बनाने के लिए सुक्खू सरकार ने कृषि क्षेत्र में जबरदस्त चुनावी तड़का लगाया है। हिमाचल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहाँ प्राकृतिक खेती के उत्पादों और दूध पर देश में सर्वाधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जा रहा है। सरकार अब गेहूं पर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की पर 50 रुपये, कच्ची हल्दी पर 150 रुपये तथा पहली बार अदरक पर 30 रुपये प्रति किलो की दर से समर्थन मूल्य दे रही है। वहीं पशुपालकों के चेहरे चमकाते हुए गाय का दूध 61 रुपये और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड दर से खरीदने की गारंटी दी गई है।
विद्यार्थियों, विधवाओं के बच्चों और स्वरोजगार के लिए खोला खजाना
शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े वित्तीय दरवाजे खोल दिए हैं। ‘डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना’ के तहत मेधावी छात्रों को महज 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जा रहा है, जिसकी पारिवारिक आय सीमा 4 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई है। ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ के तहत विधवाओं व दिव्यांग माता-पिता के 18 वर्ष तक के बच्चों को 1000 रुपये प्रति माह तथा 18 से 27 वर्ष के युवाओं की उच्च शिक्षा का पूरा खर्चा सरकार खुद उठा रही है। इसके साथ ही पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना पर 3 से 5 प्रतिशत का भारी ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।
बैठक में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव के.के. पंत, बोर्ड के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य, प्रशासनिक सचिव तथा विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।