रमेश कंवर: शिमला
Chopal News: चौपाल उपमंडल के देवत क्षेत्र में घटित एक अत्यंत दर्दनाक सड़क हादसे में वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवत की 11 वर्षीय छात्रा साक्षी की मौत हो गई। ग्राम शंठा निवासी रमेश कुमार की मासूम बेटी साक्षी इस हादसे में जिंदगी की जंग हार गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे शंठा और देवत क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है तथा पीड़िता के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय निवासियों और परिजनों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
हालांकि, इस दुखद हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों और जमीनी धरातल पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे सीधे तौर पर सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर दुर्घटना संभावित इस ब्लैक स्पॉट पर समय रहते क्रैश बैरियर लगाए गए होते, तो शायद आज एक मासूम बच्ची की जान बच सकती थी। हादसों के बाद ही नींद से जागने वाले प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की सुस्ती को लेकर जनता में भारी रोष है।
एंबुलेंस बैकअप की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर जनप्रतिनिधियों से जवाब तलब
सड़क सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर भी तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। चौपाल के सिविल अस्पताल में वर्तमान में केवल एक ही एंबुलेंस उपलब्ध है। यदि वह एक एंबुलेंस किसी मरीज को लेकर बाहर गई हो या व्यस्त हो, तो आपात स्थिति में दूसरे मरीज के लिए कोई बैकअप व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। गंभीर रूप से घायल और आपातकालीन मरीजों के लिए पर्याप्त बैकअप वाहन और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का न होना क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
स्थानीय जनता ने क्षेत्र के विधायक, नेताओं और प्रदेश सरकार से सीधे सवाल किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब धरातल पर काम करके दिखाएं। जनता ने मांग उठाई है कि ब्लैक स्पॉट पर तुरंत सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और चौपाल अस्पताल को अतिरिक्त एंबुलेंस व आधुनिक आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएं, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को अपना चिराग न खोना पड़े।