रमेश कंवर: शिमला
सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के अंतर्गत दुर्गम गांव द्राबिल की बेटी अनुशी शर्मा ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और पहाड़ी जीवन शैली को बड़े पर्दे पर एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उनकी बहुचर्चित फीचर फिल्म ‘खूंटा’ (Khoonta) कान्स फिल्म मार्केट में अपनी अमिट छाप छोड़ने के बाद अब 18 सितंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म में सिरमौर के गिरिपार और उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र की अनूठी सांस्कृतिक धरोहर, कुलदेवता महासू महाराज के प्रति अटूट आस्था, समृद्ध लोक परंपराओं और दुर्गम पहाड़ियों के बीच जीवन यापन करने वाले ग्रामीणों के दैनिक संघर्ष को बेहद संवेदनशीलता के साथ पिरोया गया है।
फिल्म ‘खूंटा’ की भावुक और मर्मस्पर्शी कहानी एक महिला द्वारा अपने लापता पति के लौटने के लंबे और कारुणिक इंतजार से शुरू होती है। इस मानवीय संवेदना के समानांतर फिल्म में प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिकता के दौर में तेजी से बदलते पहाड़ी समाज की वास्तविक चुनौतियों को बेहद प्रभावी ढंग से उभारा गया है। 32 वर्षीय अनुशी शर्मा ने बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए फिल्म की पटकथा लिखने के साथ-साथ इसका कुशल निर्देशन और मुख्य अभिनेत्री की भूमिका खुद निभाई है। फिल्म की मुख्य शूटिंग सिरमौर जिले के द्राबिल, कुआनु और आसपास के सुरम्य ग्रामीण इलाकों में संपन्न हुई है, जो दर्शकों को ठेठ हिमाचली परिवेश का जीवंत अनुभव कराती है।
लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल और कान्स से मिली सराहना, युवाओं के लिए बनीं मिसाल
प्रतिष्ठित कान्स फिल्म मार्केट में अंतरराष्ट्रीय समीक्षकों द्वारा सराहे जाने के बाद फिल्म ‘खूंटा’ को लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल और इंडियन मूवी अवॉर्ड्स में भी विशेष सम्मान और सराहना हासिल हो चुकी है। द्राबिल जैसे छोटे से गांव से निकलकर वैश्विक स्तर पर सफलता की पटकथा लिखने वाली अनुशी शर्मा का यह संघर्षपूर्ण सफर हिमाचल के युवाओं और उभरते कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। अब 18 सितंबर को फिल्म के राष्ट्रव्यापी थिएट्रिकल रिलीज को लेकर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के सिनेमा प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।