रमेश कंवर: केलांग लाहौल-स्पीति
पूर्व विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवि ठाकुर (Ravi Thakur) ने लाहौल-स्पीति में पर्यटन सुविधाओं की स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार से गंभीरता से कार्य करने का आग्रह किया है। उन्होंने पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पर्यटकों से वसूले जा रहे शुल्क को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
रवि ठाकुर ने कहा कि लाहौल-स्पीति धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां देश-विदेश से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक एवं श्रद्धालु पहुँचते हैं। केंद्र सरकार द्वारा अटल टनल रोहतांग और शिंकुला टनल जैसे ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के माध्यम से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को काफी बेहतर बनाया गया है। इसके बावजूद, स्थानीय पर्यटन स्थलों पर शौचालय, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति में और अधिक सुधार करने की सख्त आवश्यकता है।
पूर्व विधायक ने चंद्रताल जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आने वाले लोगों से 300 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जा रहा है, जो कि बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने कहा कि सरकार को पर्यटन को हतोत्साहित करने के बजाय इसे बढ़ावा देने के लिए सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
रवि ठाकुर ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार आर्थिक संकट और धन की कमी की बात करती है, तो दूसरी तरफ पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर पर्यटकों पर इस तरह का शुल्क थोपा जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस 300 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क को तत्काल बंद किया जाए और सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आवश्यक जनसुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लाहौल-स्पीति में पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था और आम जनता की आजीविका का मुख्य आधार है। ऐसे में सरकार का यह दायित्व बनता है कि वह पर्यटन विकास को गति देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के आजीविका संबंधी हितों को भी प्राथमिकता दे।