Hamirpur News: हमीरपुर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सतीश कुमार फोतेदार और जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) डॉ. अजय अत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) रैल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध दवाओं, चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया।
अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों व पैरामेडिकल स्टाफ से केंद्र में चल रहे विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट ली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्टाफ को कड़े निर्देश दिए कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कर्मचारियों को अपने प्रशासनिक व चिकित्सीय दायित्वों का पूरी निष्ठा और मुस्तैदी से निर्वहन करने की हिदायत दी।
कृष्णा लैब के रिकॉर्ड का निरीक्षण और व्यवस्थाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में संचालित कृष्णा लैब के रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच की। उन्होंने लैब में रिकॉर्ड के रखरखाव और नियमित टेस्ट प्रक्रियाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि लैब से जुड़ा सारा डेटा नियमित रूप से अपडेट और सुव्यवस्थित रखा जाए, ताकि मरीजों को रिपोर्ट हासिल करने में कोई असुविधा न हो।
डीएचओ ने पीएचसी झनियारी का किया दौरा
इसी कड़ी में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झनियारी का पृथक निरीक्षण किया। उन्होंने झनियारी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं, आवश्यक औषधियों के स्टॉक और प्रशासनिक रिकॉर्ड को देखा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों का चरणबद्ध तरीके से होगा औचक निरीक्षण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार फोतेदार ने स्पष्ट किया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों का चरणबद्ध तरीके से नियमित निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दौरों का मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करना, प्रशासनिक कमियों को तुरंत दूर करना और आम जनता को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह निगरानी अभियान लगातार जारी रहेगा।