Lahaul Spiti News: जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष केलांग में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने जिले में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मिशन वात्सल्य, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, पॉक्सो कानून तथा विशेष किशोर पुलिस इकाई से जुड़े कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि बाल अधिकारों व संरक्षण से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक बैठकें करना ही काफी नहीं है, बल्कि बैठकों में लिए गए निर्णयों का धरातल पर समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित फॉलो-अप होना अति आवश्यक है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
प्रवासी मजदूरों और बीआरओ श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा स्कूल में दाखिला
बैठक में उपायुक्त ने हर बच्चे को शिक्षा के मौलिक अधिकार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में बीआरओ, लोक निर्माण विभाग, कृषि क्षेत्र तथा अन्य निर्माण कार्यों में लगे प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की पहचान कर उनका त्वरित स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बाल श्रम पर पूरी तरह पाबंदी के आदेश
उपायुक्त किरण भड़ाना ने ढाबों, होटलों, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में बाल श्रम की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ‘यहां बाल श्रम नहीं कराया जाता’ संबंधी घोषणा पत्र प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करवाना अनिवार्य होगा। बाल श्रम रोकने के लिए नियमित औचक निरीक्षण और व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के भी आदेश दिए गए।
पॉक्सो एक्ट और विद्यालयों में नियमित काउंसलिंग पर जोर
बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाले पॉक्सो (POCSO) कानून के प्रति स्कूलों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी बेहद सरल भाषा में दी जानी चाहिए, ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति में निर्भीक होकर सहायता मांग सकें। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं को नशे से दूर रखने की कार्ययोजना पर बल दिया।