Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर दौड़ रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ निगम की वित्तीय सेहत सुधारने में भी मील का पत्थर साबित हो रही हैं। कुल्लू डिपो से संचालित इलेक्ट्रिक बसों ने अपनी कमाई और संचालन क्षमता से एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। निगम द्वारा जारी 13 सितंबर के दैनिक आंकड़ों के अनुसार, कुल्लू डिपो की 32 इलेक्ट्रिक बस सेवाओं ने महज एक दिन में कुल 2700 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 1,15,467 रुपये की शानदार आय अर्जित की है।
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो प्रति बस सेवा से निगम को औसतन करीब 3,608 रुपये की आय प्राप्त हुई है, जबकि प्रति किलोमीटर औसत कमाई लगभग 42.77 रुपये दर्ज की गई है। कुल्लू डिपो की ये ई-बसें बरशैणी, मनाली-केलांग, कुल्लू-पराशर, कुल्लू-बंजार और कुल्लू-पतलीकूहल जैसे दुर्गम व प्रमुख पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ रही हैं। इससे जहां स्थानीय लोगों और पर्यटकों को प्रदूषण मुक्त व आरामदायक सफर की सुविधा मिल रही है, वहीं निगम की दैनिक आय में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
मनाली-केलांग और मनाली-धर्मशाला रूटों पर हुई बंपर कमाई
दैनिक कमाई के मामले में जनजातीय क्षेत्र को जोड़ने वाली मनाली-केलांग ई-बस सेवा सबसे आगे रही। इस बस ने 138 किलोमीटर का सफर तय कर एक ही दिन में 11,165 रुपये की कमाई की। इसके अलावा मनाली-धर्मशाला रूट पर चलने वाली बस से कुल 17,746 रुपये की आय हुई, जिसमें ऑनलाइन व काउंटर टिकट बुकिंग से प्राप्त 1,696 रुपये की अतिरिक्त राशि भी शामिल है। वहीं धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण कुल्लू-पराशर रूट की ई-बस सेवा से निगम के खाते में 8,956 रुपये जमा हुए।
अन्य ग्रामीण व अंतर-ज़िला रूटों पर भी ई-बसों का बेहतर प्रदर्शन
अन्य प्रमुख रूटों के आंकड़ों पर नज़र डालें तो कुल्लू-सोलंगनाला रूट पर बस ने 108 किलोमीटर चलकर 4,838 रुपये की आय अर्जित की। इसके अतिरिक्त भुंतर-दियार सेवा से 2,309 रुपये, कुल्लू-भुंतर सेवा से 113 रुपये तथा कुल्लू-मंडी की दो अलग-अलग सेवाओं से क्रमशः 1,963 और 4,574 रुपये प्राप्त हुए। इसी प्रकार कुल्लू-मनाली मार्ग पर चलने वाली दो ई-बस सेवाओं से निगम को क्रमशः 2,536 रुपये और 6,076 रुपये की कमाई हुई है।
यात्रियों को मिल रही बेहतर सुविधा, आय में और बढ़ोतरी की उम्मीद: डीके नारंग
एचआरटीसी कुल्लू के उपमंडलीय प्रबंधक (आरएम) डीके नारंग ने बताया कि जिले में ई-बसों के बेड़े और उनके रूट्स का विस्तार निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शून्य उत्सर्जन वाली इन बसों के चलने से पर्यावरण स्वच्छ रह रहा है और यात्रियों को शांत व आधुनिक सफर का अनुभव मिल रहा है। प्रबंधन को पूरी उम्मीद है कि आने वाले त्योहारी और पर्यटन सीजन में इन इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से एचआरटीसी की आय में और अधिक इजाफा दर्ज किया जाएगा।