रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बीसीएस क्षेत्र में बढ़ते नशाखोरी और संदिग्ध गतिविधियों के मामलों को लेकर स्थानीय प्रशासन और नशा निवारण समिति ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। रविवार को तहसीलदार शिमला ग्रामीण संजीव गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित नशा निवारण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में बीसीएस क्षेत्र को नशाखोरी के मामले में ‘रेड जोन’ के रूप में चिन्हित किया गया है। क्षेत्र में युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाने के लिए प्रशासन ने अब कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्थानीय वार्ड पार्षद के साथ-साथ क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित नागरिकों, पुलिस अधिकारियों और समाजसेवियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान बीसीएस क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे नशे के मामलों पर गहनता से चर्चा की गई और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े रणनीतिक निर्णय लिए गए।
सभी कोचिंग संस्थानों के लिए जारी होगी एसओपी, मुख्य द्वार पर सीसीटीवी अनिवार्य
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बीसीएस क्षेत्र में संचालित हो रहे सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी। इसके साथ ही छात्रों की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के उद्देश्य से सभी कोचिंग संस्थानों के मुख्य प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
पीजी आवासों में भी लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी नजर
क्षेत्र में चल रहे सभी पीजी आवासों के संचालकों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। अब बीसीएस के हर पीजी में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, ताकि वहां रहने वाले युवाओं की सुरक्षा के साथ-साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी आसानी से की जा सके। समिति का मानना है कि इस कदम से पीजी परिसरों में नशे की अवैध आपूर्ति और प्रसार पर नकेल कसने में बड़ी मदद मिलेगी।
बीसीएस क्षेत्र में 24 घंटे पुलिस गश्त, अभिभावकों से सहयोग की अपील
क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की नियमित और प्रभावी तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने बीसीएस इलाके में 24 घंटे पुलिस गश्त को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। नशा निवारण समिति ने सभी अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें और इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जारी अभियान में पुलिस व प्रशासन का सक्रिय सहयोग करें।