रमेश कंवर: केलांग
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की युवा विधायक अनुराधा राणा के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही अभद्र और अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर घाटी के लोगों में गहरा रोष फैल गया है। स्थानीय जनता और प्रबुद्ध वर्ग ने विधायक के समर्थन में उतरते हुए इसे संपूर्ण लाहौल-स्पीति की अस्मिता और सांस्कृतिक मूल्यों पर हमला करार दिया है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि लाहौल में बेटियों को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है और निजी स्वार्थों के चलते किसी जनप्रतिनिधि का अपमान कतई सहन नहीं किया जाएगा।
लाहौल-स्पीति घाटी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और महिलाओं को मिलने वाले सम्मान के लिए जानी जाती है। क्षेत्र का लिंगानुपात 1022 है, जो पूरे राज्य में एक मिसाल है और यहां कृषि व आजीविका के करीब 90 प्रतिशत कार्यों की कमान महिलाएं ही संभालती हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि स्वार्थी तत्वों द्वारा राजनीतिक द्वेष और व्यक्तिगत काम न होने की खुन्नस में सोशल मीडिया पर एक महिला विधायक के खिलाफ इस तरह की ओछी भाषा का प्रयोग अत्यंत शर्मनाक है।
लाहौल की गौरवशाली बेटियों की परंपरा पर हमला बर्दाश्त नहीं
घाटी के निवासियों ने याद दिलाया कि लाहौल की धरती ने हमेशा देश-दुनिया में नाम रोशन करने वाली साहसी बेटियों को जन्म दिया है। 16 वर्ष की उम्र में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली डिक्की डोलमा से लेकर कम उम्र में विमान उड़ाने वाली अपराजिता लाल, कॉकपिट संभाल रही दिव्या ठाकुर व रवीना ठाकुर और भारतीय सेना को प्रशिक्षण देने वाली निर्मला भानू जैसी बेटियां इसी क्षेत्र की शान हैं। विधायक अनुराधा राणा भी इसी गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधित्व करती हैं।
निजी स्वार्थ में बयानबाजी करने वालों को जनता सिखाएगी सबक
स्थानीय समर्थकों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर अनर्गल बयानबाजी करने वाले लोगों का समाज में कोई सकारात्मक योगदान नहीं रहा है। जनता उनके इस तरह के कारनामों से भली-भांति परिचित है और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी।
सड़कों पर उतरने की चेतावनी
घाटी के विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल तुरंत बंद नहीं हुआ, तो पूरा लाहौल-स्पीति प्रशासन के समक्ष कड़ा कड़ा विरोध दर्ज कराएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और पुलिस प्रशासन से ऐसे असमाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।