21 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

5 घंटे पहले
आज का पंचांग

21 September 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 21 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। सोमवार का दिन भगवान शिव (महादेव) और चंद्रमा देव को समर्पित होता है। आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने, शिवलिंग पर जलाभिषेक करने और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से जीवन के सभी कष्ट, मानसिक तनाव और भय समाप्त होते हैं तथा मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

21 September 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: शुक्ल

तिथि: दशमी (रात 08:01 बजे तक), उपरांत एकादशी तिथि प्रारंभ।

दिन: सोमवार

नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा।

योग: शोभन (शाम 04:05 बजे तक), उपरांत अतिगण्ड योग प्रारंभ।

करण: तैतिल (सुबह 06:59 बजे तक), गर (रात 08:01 बजे तक), उपरांत वणिज करण प्रारंभ।

प्रविष्टे: 05 आश्विन

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:13 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:15 बजे

चन्द्रोदय: दोपहर 03:17 बजे (21 सितंबर)

चन्द्रास्त: रात 01:38 बजे (22 सितंबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमा सुबह 11:14 बजे तक धनु राशि में, उपरांत मकर राशि पर संचार करेगा।

सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।

आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:37 से 05:25 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:38 बजे तक।

अमृत काल: मध्यरात्रि 12:01 से तड़के 01:47 बजे (22 सितंबर) तक।

राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)

राहुकाल: सुबह 07:30 से 09 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: सुबह 10:44 से दोपहर 12:14 बजे तक।

कुलिक: दोपहर 01:44 से शाम 03:15 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:38 से 01:26 बजे तक एवं अपराह्न 03:03 से 03:51 बजे तक।

वर्ज्यम्: दोपहर 01:25 से शाम 03:11 बजे तक।

भद्रा: आज भद्रा का प्रभाव नहीं है।

आज के प्रमुख व्रत और पर्व

बाबा रामदेव जयंती: लोक देवता बाबा रामदेव जी का जन्मोत्सव/अवतार दिवस, जो सांप्रदायिक सद्भाव और ऋद्धि-सिद्धि प्रदान करता है।

सोमवार व्रत एवं शिव पूजन: मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति हेतु भगवान शिव का विशेष पूजन।

आज का विशेष उपाय (Special Remedy)

आज सोमवार का दिन है और भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का शुभ संयोग है, इसलिए जीवन में सुख, शांति और मानसिक स्थिरता प्राप्त करने के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात मंदिर जाकर शिवलिंग पर शुद्ध जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें। भोलेनाथ को अक्षत और सफेद चंदन लगाएं तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके अलावा रामदेव जयंती के अवसर पर असहायों को भोजन या वस्त्र का दान करना भी अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।

 

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