Himachal News: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ जारी सख्त अभियान के बीच कांगड़ा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के एक मामले में अदालत ने आरोपी महिला को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही नशा कारोबार से अवैध रूप से अर्जित की गई उसकी 1.03 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को भी जब्त कर लिया गया है।
सजा पाने वाली महिला डमटाल थाना क्षेत्र के गांव छन्नी निवासी रूबी पत्नी अजय कुमार है। वर्ष 2022 में दर्ज हेरोइन बरामदगी के मामले में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर उसे दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया है।
डमटाल पुलिस ने 2022 में घर पर दबिश देकर पकड़ा था 5.66 ग्राम चिट्टा
यह मामला वर्ष 2022 का है जब डमटाल थाना पुलिस को छन्नी गांव में रूबी के घर पर नशे की खेप होने की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घर में दबिश दी और तलाशी के दौरान 5.66 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था, जिसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की गई थी।
जुर्माना न भरने पर भुगतनी होगी अतिरिक्त सजा, 256 दिन हिरासत में बिताए
अदालत ने आरोपी महिला को 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा ट्रायल के दौरान हिरासत में बिताए गए 256 दिनों की अवधि को मुख्य सजा में समायोजित करने का निर्देश भी दिया गया है।
नशा तस्करी के 7 मामले दर्ज, 1.03 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त
छन्नी निवासी रूबी का नशा तस्करी का पुराना इतिहास रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 7 मामले लंबित हैं। अप्रैल 2024 में भी पुलिस ने उसके ठिकाने से 26.18 ग्राम चिट्टा जब्त किया था। पुलिस प्रशासन ने अवैध नशा कारोबार से अर्जित उसकी 1,03,79,484 रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति को भी जब्त करने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।