रमेश कंवर: मनाली
हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली से रोमांच, साहस और रफ्तार के महाकुंभ ‘रैली ऑफ द हिमालयाज’ (Rally of the Himalayas) का रविवार को धमाकेदार आगाज हो गया। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की एडवेंचर रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हिमालय की खूबसूरत लेकिन अत्यधिक चुनौतीपूर्ण और खतरनाक वादियों में आयोजित होने वाली यह मोटर-स्पोर्ट्स रैली न केवल जांबाज प्रतिभागियों के हुनर और हौसले की परीक्षा लेगी, बल्कि राज्य के साहसिक पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगी।
इस अवसर पर विधायक ने कहा कि मनाली और पूरे प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ‘रैली ऑफ द हिमालयाज’ जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताएं न केवल दुनिया भर के एडवेंचर प्रेमियों को हिमाचल की ओर आकर्षित करती हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करने का एक सशक्त माध्यम भी बनती हैं।
जोखिम भरे बर्फीले और पथरीले ट्रैकों पर होगी जांबाज राइडर्स की असली परीक्षा
मनाली से शुरू होकर यह रैली लाहौल-स्पीति और किन्नौर के अत्यंत दुर्गम तथा ऊंचाई वाले दर्रों और पथरीले रास्तों से होकर गुजरेगी। इस बहुचर्चित आयोजन में देश-विदेश से आए सैकड़ों पेशेवर कार ड्राइवर्स और बाइक राइडर्स हिस्सा ले रहे हैं। माइनस तापमान, ऑक्सीजन की कमी और संकरे मोड़ों के बीच प्रतिभागी अपनी रफ्तार और ड्राइविंग कौशल का प्रदर्शन करेंगे। विधायक ने रैली में भाग ले रहे सभी साहसी राइडर्स और ड्राइवर्स को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी चालकों को सुरक्षामानकों का ध्यान रखते हुए सुरक्षित सफर और शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
मनाली में एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान
मनाली में इस अंतरराष्ट्रीय रैली के आयोजन से स्थानीय होटल व्यवसायियों, गाइड्स, टैक्सी ऑपरेटरों और छोटे कारोबारियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने पूरी रैली के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा के लिए रेस्क्यू टीमों, मेडिकल स्टाफ और पुलिस बल की विशेष तैनाती की है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के बड़े मोटर-स्पोर्ट्स आयोजनों से हिमाचल प्रदेश में साहसिक खेलों का आधार मजबूत होगा और आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार को भारी गति मिलेगी।