1 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

2 घंटे पहले
आज का पंचांग

1 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार है। गुरुवार का दिन जगतपालक भगवान श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का पांचवां दिन है। आज के दिन पंचमी तिथि का श्राद्ध एवं तर्पण किया जाएगा। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा-आराधना करने, पीले पुष्प व चने की दाल अर्पित करने और पितरों के निमित्त तर्पण व दान करने से ज्ञान, सुख-सौभाग्य, संतान सुख और पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

 

1 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– आश्विन, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण

तिथि: पंचमी (दोपहर 01:21 बजे तक), उपरांत षष्ठी तिथि प्रारंभ।

दिन: गुरुवार

नक्षत्र: कृतिका (सुबह 07:11 बजे तक), उपरांत रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ।

योग: वज्र (रात 12:18 बजे तक, 2 अक्तूबर), उपरांत सिद्धि योग प्रारंभ।

करण: तैतिल (प्रातः 02:18 बजे तक), गर (दोपहर 01:21 बजे तक), उपरांत वणिज करण प्रारंभ।

प्रविष्टे: 15 आश्विन

 

ऋतु

वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:19 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:03 बजे

चन्द्रोदय: रात 09:02 बजे (1 अक्तूबर)

चन्द्रास्त: सुबह 11:49 बजे (2 अक्तूबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमा वृषभ राशि पर गोचर कर रहा है (पूरा दिन-रात)।

सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:44 से 05:32 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 बजे तक।

अमृत काल: रात 08:08 से 09:41 बजे तक।

आनन्दादि योग: सुस्थिर (सुबह 07:11 बजे तक), उपरांत वर्धमान योग।

 

राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)

राहुकाल: दोपहर 01:30 से 03 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: सुबह 06:19 से 07:47 बजे तक।

कुलिक: सुबह 09:15 से 10:43 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 10:12 से 11:00 बजे तक एवं दोपहर 02:57 से शाम 03:44 बजे तक।

वर्ज्यम्: सुबह 10:43 से दोपहर 12:17 बजे तक।

 

आज के प्रमुख व्रत और पर्व

पंचमी तिथि श्राद्ध: आश्विन कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि का श्राद्ध एवं पितृ तर्पण (कुंवारा पंचमी)।

गुरुवार व्रत एवं विष्णु पूजन: सुख-समृद्धि, ज्ञान एवं आरोग्य प्राप्ति हेतु भगवान श्री हरि विष्णु की विशेष पूजा।

 

आज का विशेष उपाय (Special Remedy)

आज गुरुवार का दिन है और पितृ पक्ष की पंचमी तिथि का पावन योग है, इसलिए प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाएं तथा उन्हें पीले पुष्प, तुलसीदल और केसर युक्त खीर अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। इसके पश्चात दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के निमित्त तिल और कुशा युक्त जल से तर्पण करें तथा किसी ब्राह्मण या निर्धन को चने की दाल, पीली मिठाई अथवा केले का दान करें। इससे भगवान विष्णु के साथ-साथ पितरों का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा और घर में सुख-शांति बनी रहेगी।

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