Himachal News: धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना को अधिग्रहित करेगी राज्य सरकार, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कोर्ट में हलफनामा दायर करने के दिए निर्देश

CM Sukhvinder Singh Sukhu Energy Department Review Meeting Himachal News

रमेश कंवर: शिमला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) द्वारा ब्यास नदी पर निर्मित की जा रही 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना को प्रदेश सरकार के अधीन लेने के लिए बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग को न्यायालय में शपथ पत्र दायर करने के कड़े निर्देश दिए हैं। शिमला में बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेश की संपदा और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश और जनता के व्यापक हितों की रक्षा के लिए धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की लागत की पहली किस्त का भुगतान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार राज्य के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसजेवीएनएल द्वारा क्रियान्वित की जा रही लुहरी और सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को भी राज्य के अधीन वापस लाने के लिए विधिक व प्रशासनिक प्रयासों को और तेज किया जाए।

 

450 मेगावाट की शोंगटोंग परियोजना अगले साल सितंबर तक होगी चालू

समीक्षा बैठक के दौरान ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि 450 मेगावाट की शोंगटोंग जल विद्युत परियोजना अगले वर्ष सितंबर तक तीनों टरबाइनों की कमीशनिंग के साथ पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी। इस परियोजना से बनने वाली बिजली की खरीद के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य की सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

 

काजा व रंगरिक में बिजली व्यवस्था होगी मजबूत

बैठक में पूह से समदो तथा समदो से काजा तक बिछाई जा रही 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त लाहौल-स्पीति के रंगरिक में 1 MWh बैटरी स्टोरेज वाली 2 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बर्फबारी का मौसम शुरू होने से पहले चालू करने के निर्देश दिए, ताकि कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच भी स्पीति घाटी के लोगों को बिना रुकावट बिजली आपूर्ति मिलती रहे।

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