Nerwa Public School: किताबों से आगे, अनुभवों की दुनिया…विद्यार्थियों ने चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में जाने इतिहास और विज्ञान के पहलू

रमेश कंवर: शिमला

चौपाल उपमंडल के प्रमुख शिक्षण संस्थान नेरवा पब्लिक स्कूल (Nerwa Public School) के विद्यार्थियों के लिए आयोजित चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण ज्ञान, जिज्ञासा और रोमांच से भरपूर एक यादगार सफर साबित हुआ। इस शैक्षणिक यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षाओं और किताबों की सीमा से बाहर निकलकर व्यावहारिक अनुभवों से सीखने का अनूठा अवसर मिला। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अमृतसर, जालंधर और वाघा बॉर्डर का दौरा किया, जिससे उन्हें देश के इतिहास, विज्ञान और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ने का मौका मिला।

यह यात्रा केवल ऐतिहासिक और वैज्ञानिक स्थलों को देखने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने विद्यार्थियों को जीवन और शिक्षा के प्रति एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया।

अमृतसर और जलियांवाला बाग में इतिहास से हुए रूबरू

यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक नगरी अमृतसर का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रसिद्ध जलियांवाला बाग में देश के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और वीर बलिदानियों की अमर गाथाओं को नमन किया। इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्रभक्ति के महत्व को गहराई से समझा। इसके साथ ही अमृतसर की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत ने विद्यार्थियों के मन में ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति गहरा सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया।

 

साइंस सिटी में जाना विज्ञान का रोमांच

शैक्षणिक भ्रमण के अगले पड़ाव में विद्यार्थियों ने जालंधर स्थित पुष्पा गुजराल साइंस सिटी का अवलोकन किया। साइंस सिटी में विज्ञान, आधुनिक प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी रोचक प्रदर्शनियों ने छात्र-छात्राओं की वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा को नई दिशा दी। प्रयोगात्मक मॉडलों के जरिए जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने में यह दौरा काफी मददगार साबित हुआ।

वाघा बॉर्डर पर देशभक्ति का जोश और मजबूत हुआ आपसी जुड़ाव

अमृतसर के पास भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित वाघा बॉर्डर का दौरा इस शैक्षणिक यात्रा का मुख्य आकर्षण रहा। वाघा बॉर्डर पर बीएसएफ जवानों के शौर्य और बीटिंग रीट्रीट सेरेमनी के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से भरे वातावरण का अनुभव कर विद्यार्थी भावविभोर हो उठे। वहां के उत्साहपूर्ण माहौल ने सभी के दिलों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रगाढ़ किया। विद्यार्थियों ने असीम देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और जोश से भरे वातावरण का सीधा अनुभव किया, जो इस पूरी यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण बना।

कक्षा से बाहर खुली पाठशाला में सीखने का अवसर

चार दिनों के इस सफर के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने साथ मिलकर अध्ययन के साथ-साथ खुशी के पल साझा किए, जिससे उनके बीच आपसी जुड़ाव और अनुशासन की भावना मजबूत हुई। शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने न केवल नई जानकारियां अर्जित कीं, बल्कि टीम भावना और सामाजिक शिष्टाचार का भी व्यावहारिक पाठ सीखा। इस सफल भ्रमण ने यह सिद्ध किया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों और चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संसार स्वयं में एक खुली पाठशाला है, जहां हर अनुभव व्यक्ति की समझ और दृष्टिकोण को समृद्ध बनाता है। नेरवा पब्लिक स्कूल प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है और उनकी बौद्धिक क्षमता का विस्तार होता है।

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