रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में प्रेस वार्ता कर चालू सेब सीजन के खरीद आंकड़े सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत एचपीएमसी और हिमफेड द्वारा अब तक 13,202.666 मीट्रिक टन सेब की खरीद की जा चुकी है।
बागवानी मंत्री ने बताया कि इस सीजन में असमय बारिश, फ्लावरिंग के दौरान अत्यधिक ठंड और चिलिंग आवर्स में कमी के चलते सेब की कुल पैदावार प्रभावित हुई है। इसके बावजूद अब तक प्रदेश की विभिन्न मंडियों में 1 करोड़ 23 लाख 34 हजार 739 सेब पेटियों की आवक हो चुकी है।
पूर्व भाजपा सरकार से विरासत में मिली 114 करोड़ की देनदारी, वर्तमान सरकार ने दिए 262 करोड़
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार से एमआईएस की 114 करोड़ रुपये की देनदारी विरासत में मिली थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस देनदारी को चुकाने के साथ-साथ अब तक किसानों और बागवानों को 262 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एमआईएस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाते हुए ऐप के जरिए पंजीकरण शुरू किया गया है। योजना के तहत 30 बैग से कम वाले 11,285 और 100 बैग से कम वाले 2,827 बागवानों को सीधे डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित की गई है। इसके साथ ही एमआईएस मूल्य में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी भी की गई है।
एचपी शिवा परियोजना: 3,000 हेक्टेयर में 28 फरवरी 2027 तक काम पूरा करने के कड़े निर्देश
पत्रकार वार्ता के बाद कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा वित्तपोषित एचपी शिवा परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया। बागवानी मंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि प्रथम चरण के तहत 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र की सभी गतिविधियों को 28 फरवरी 2027 की अंतिम समय-सीमा तक हर हाल में पूरा कर किसानों को हस्तांतरित किया जाए। निर्धारित समय पर काम न करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
10,646 किसान परिवार होंगे लाभान्वित, जनवरी-फरवरी 2027 तक पूरा होगा पौधारोपण
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रथम चरण के 331 क्लस्टरों से लगभग 10,646 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। अब तक 2,700 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है और 1,900 हेक्टेयर में पौधारोपण पूरा हो चुका है। शेष क्षेत्र में प्लम व पर्सिमन जैसी फसलों का रोपण जनवरी-फरवरी 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना के द्वितीय चरण के तहत 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान कर ली गई है, जिसमें से 1,500 हेक्टेयर की डीपीआर एडीबी को भेजी जा चुकी है। एशियाई विकास बैंक से स्वीकृति मिलते ही अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
निम्न गुणवत्ता वाले पौधों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध
जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों और नर्सरी संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में निम्न गुणवत्ता वाले पौधों की खरीद न की जाए। पौध सामग्री पूरी तरह से तकनीकी मानकों और स्पेसिफिकेशन के अनुरूप ही होनी चाहिए। बैठक में बागवानी विभाग के निदेशक सतीश कुमार, एचपी शिवा परियोजना निदेशक समीर सिंह, प्रोक्योरमेंट अधिकारी मनोज शर्मा और सात जिलों के उप-निदेशक उपस्थित रहे।