Himachal News: तकनीकी क्षेत्र में युवाओं के लिए खुले समृद्धि के द्वार, ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ से हिमाचल बना रहा डिजिटल पहचान

रमेश कंवर: शिमला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग ने छात्रों, शिक्षण संस्थानों और रोजगार प्रदाताओं को एक एकीकृत प्रणाली से जोड़ने के लिए ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल की शुरुआत की है। यह अपनी तरह का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में प्लेसमेंट और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और त्वरित बनाना है।

तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल युवाओं और उद्योगों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रहा है। इस डिजिटल मंच पर छात्र अपनी प्रोफाइल, कौशल क्षमताएं, प्रशिक्षण और प्रमाणपत्रों का विवरण अपलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही वे उपलब्ध नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर अपने प्लेसमेंट की स्थिति पर नजर भी रख सकते हैं।

 

164 शिक्षण संस्थान और दर्जनों नियोक्ता पोर्टल पर पंजीकृत

इस एकीकृत डिजिटल व्यवस्था के तहत अब तक राज्य के 164 संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), 18 पॉलिटेक्निक संस्थान, 5 इंजीनियरिंग कॉलेज और 5 फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं। इस पोर्टल के माध्यम से नियोक्ता योग्य उम्मीदवारों की प्रोफाइल देखकर सीधे भर्ती प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया में होने वाले अनावश्यक विलंब में कमी आई है और शिक्षण संस्थानों तथा उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।

 

हिम एक्सेस पोर्टल से 23 हजार से अधिक छात्रों की हुई स्किल मैपिंग

प्रदेश सरकार का ‘हिम एक्सेस’ (Him Access) प्लेटफॉर्म नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए एक सिंगल साइन-ऑन और डिजिटल पहचान प्रणाली के रूप में काम कर रहा है। हिम एक्सेस इंटीग्रेशन पोर्टल के माध्यम से अब तक 26,168 छात्रों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 23,054 छात्रों की कौशल मैपिंग (Skill Mapping) पूरी कर ली गई है। इसके अतिरिक्त पोर्टल पर 97 नियोक्ता भी पंजीकृत हो चुके हैं। इस प्लेटफॉर्म की मदद से इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे कुशल कामगारों की सेवाएं कम अवधि के कार्यों के लिए भी आसानी से प्राप्त की जा सकेंगी।

 

कजाकिस्तान और जापान की अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट से मिल रहा वैश्विक अनुभव

प्रदेश के मेधावी युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी दक्षता और आधुनिक कार्य संस्कृति से रूबरू कराने के लिए सरकार द्वारा एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण के तहत राज्य के आईटीआई संस्थानों के 30 प्रशिक्षुओं ने कजाकिस्तान के अल्माटी स्थित औद्योगिक संयंत्रों और कंपनियों की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। इसी क्रम में इंजीनियरिंग कॉलेजों के बी.टेक. के 44 मेधावी विद्यार्थियों ने जापान का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, जेएएक्सए त्सुकुबा स्पेस सेंटर, साइबरडाइन रोबोटिक्स स्टूडियो, जेएएल एयरोस्पेस फैक्ट्री और क्योसेरा फैक्ट्री का दौरा कर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस और उन्नत विनिर्माण तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी हासिल की।

 

तकनीकी संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए 35.34 करोड़ रुपये जारी

राज्य सरकार प्रदेश के तकनीकी संस्थानों को अत्याधुनिक बनाने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रही है। पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और आईटीआई संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने विभिन्न तकनीकी संस्थानों के लिए 35.34 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। न्यू-एज आधारित व्यावसायिक शिक्षा, सॉफ्ट स्किल विकास और मजबूत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बल पर हिमाचल प्रदेश देश के उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है।

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