रमेश कंवर: मनाली
Lahaul Spiti News: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति की लोकप्रिय विधायक, आदिवासी कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष और राज्य की वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री अनुराधा राणा की कार्यशैली की हर तरफ चर्चा हो रही है। अपनी ईमानदारी, संघर्षशीलता और जनता के प्रति अटूट समर्पण के बल पर उन्होंने न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के दिलों में भी एक खास जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कई सार्वजनिक मंचों से उनकी कार्यकुशलता की खुलकर सराहना की है। काजा में एक विशाल जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि “अनुराधा राणा ऐसी विधायक हैं जो पूरी तरह ईमानदार हैं और सबसे ज्यादा प्रतिनिधिमंडल लेकर मेरे पास आती हैं। कई बार कुछ कार्य नियमों में नहीं होते, लेकिन अनुराधा राणा की मांग और क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए हम नियमों में भी बदलाव करते हैं, ताकि लाहौल-स्पीति के विकास में कोई बाधा न आए।”
वह क्यों हैं जनता के बीच सबसे लोकप्रिय? जाने 5 बड़े कारण
ईमानदार छवि और ऐतिहासिक जीत: वर्ष 2024 के उपचुनाव में कांग्रेस ने जब उन्हें मैदान में उतारा, तो उन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता को मात देकर 53 साल बाद इस सीट पर जीत दर्ज करने वाली पहली महिला विधायक बनने का इतिहास रचा।
हर परिस्थिति में जनता के द्वार: चाहे भीषण बर्फबारी हो या प्राकृतिक आपदा, विधायक अनुराधा राणा खुद जमीनी स्तर पर उतरकर नुकसान का जायजा लेती हैं और राहत कार्यों की कमान संभालती हैं।
जनजातीय मुद्दों की मुखर आवाज: आदिवासी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के रूप में उन्होंने ‘नौतोड़ भूमि बहाली’ जैसे दशकों पुराने और जटिल मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उदयपुर से शुरू हुआ उनका यह अभियान अब सरकार के स्तर पर प्राथमिकता बन चुका है।
विकास के लिए नियमों में बदलाव का माद्दा: मुख्यमंत्री द्वारा खुद यह स्वीकार किया जाना कि वे अनुराधा राणा के विकास प्रस्तावों के लिए नियमों तक में संशोधन कर देते हैं, उनकी मजबूत पैरवी और राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
नारी शक्ति का बेजोड़ उदाहरण: आज लाहौल-स्पीति जिला महिला नेतृत्व का एक आदर्श मॉडल बन चुका है, जहां सांसद, विधायक, डीसी, एसपी और एसडीएम जैसे प्रमुख पदों पर महिलाएं कमान संभाल रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अटल टनल दौरे के दौरान भी इस महिला नेतृत्व की पूरे देश में सराहना हुई थी।

विधायक अनुराधा राणा ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची लोकप्रियता और सम्मान किसी पद से नहीं, बल्कि जनता के लिए किए गए निस्वार्थ कार्यों और समर्पण से मिलता है। आज उनकी यह राजनीतिक यात्रा हिमाचल प्रदेश के युवाओं और विशेषकर महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी है।