पांगी जाते समय तिन्दी फॉरेस्ट हाउस में रुके कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी: सुनी जनसमस्याएं, एफआरए कमेटियों के गठन और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के सख्त निर्देश

Lahaul Spiti News Jagat Singh Negi Tindi Forest House Public Grievances

रमेश कंवर: केलांग

Lahaul Spiti News: हिमाचल प्रदेश के बागवानी, राजस्व, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने पांगी प्रवास के दौरान तिन्दी फॉरेस्ट हाउस में रुककर स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी जनसमस्याओं को सुना। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि शेष लंबित शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध निपटारे के लिए संबंधित विभागों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।

 

पीडब्ल्यूडी और जल शक्ति विभाग को कार्यशैली सुधारने की हिदायत

बैठक के दौरान ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग से संबंधित समस्याएं उठाई गईं। मंत्री जगत सिंह नेगी ने इन शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपस्थित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सड़क, पेयजल व सिंचाई से संबंधित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दुर्गम क्षेत्र के लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

 

हर गांव में गठित होंगी एफआरए कमेटियां, विशेष ग्राम सभाओं में प्रस्तुत होंगे मामले

जनजातीय विकास मंत्री ने उपस्थित लोगों को वन अधिकार अधिनियम (FRA) और ‘नौतोड़’ से जुड़े कानूनी प्रावधानों, अधिकारों, सहायता और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव में अनिवार्य रूप से एफआरए कमेटियों का गठन किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि कमेटियों के पास लंबित पड़े सभी मामलों की रिपोर्ट तैयार कर उन्हें पहले विशेष ग्राम सभाओं में प्रस्तुत किया जाए और उसके बाद ही अंतिम रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाए, ताकि नियमानुसार पात्र लोगों को भूमि व वन अधिकारों का लाभ मिल सके।

 

मनरेगा में रोजगार और विभागीय जागरूकता शिविरों पर जोर

ग्रामीणों को आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से मंत्री ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के प्रावधानों पर चर्चा की। उन्होंने पंचायत सचिवों को सख्त निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत काम करने के इच्छुक सभी ग्रामीणों के आवेदन तुरंत प्राप्त किए जाएं और समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने बागवानी, कृषि और पशुपालन विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दूरदराज के क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करें। इन शिविरों के माध्यम से किसानों, बागवानों और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं, अनुदानों और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक कल्याणकारी नीतियों का लाभ पहुंचे।

 

स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

इस अवसर पर स्थानीय विधायक अनुराधा राणा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष दोरजे लाहरजे, जनजातीय सलाहकार समिति (टीएसी) सदस्य एवं जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष केसंग रापचिक, उदयपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल ठाकुर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्यारे लाल और मीडिया समन्वयक राहुल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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