Shimla: प्रेस सूचना ब्यूरो, कोलकाता के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल से आए मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने शिमला के ऐतिहासिक अन्नाडेल स्थित ‘आर्मी हेरिटेज म्यूजियम’ का दौरा किया। यह संग्रहालय भारतीय सेना की समर्पित प्रशिक्षण कमान मुख्यालय के अंतर्गत आता है। दौरे के दौरान कर्नल अभिनव धस्माना ने मीडिया प्रतिनिधियों को भारतीय सेना की संपूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था, परिचालन तैयारियों और भारत की समृद्ध सैन्य विरासत के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
1 अक्टूबर 1991 को स्थापित आर्मी ट्रेनिंग कमान भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षण नीतियों, सिद्धांतों और मानकों को विकसित करने और उनके प्रभावी संचालन की निगरानी के लिए उत्तरदायी है। इसका नेटवर्क देश भर में 24 अलग-अलग स्थानों पर फैले 34 प्रशिक्षण संस्थानों तक विस्तृत है। इस दौरे के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों को भारतीय सेना की संस्थागत प्रशिक्षण प्रणाली को करीब से समझने और उसकी कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।
आर्मी हेरिटेज म्यूजियम में 1971 का ऐतिहासिक आत्मसमर्पण दस्तावेज बना मुख्य आकर्षण
वर्ष 2006 में एआरटीआरएसी द्वारा स्थापित इस संग्रहालय का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और शौर्य को संजोकर प्रदर्शित करना है। संग्रहालय के प्रमुख आकर्षणों में हेरिटेज सेक्शन, हिमाचल कॉर्नर और शौर्य हॉल शामिल हैं, जहां दुर्लभ सैन्य वर्दियां, पदक, ऐतिहासिक हथियार, तस्वीरें और युद्ध स्मारक प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें सबसे विशेष 1971 के भारत-पाक युद्ध का ऐतिहासिक ‘इन्स्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर’ है, जिसे देखकर प्रतिनिधिमंडल अभिभूत हुआ।
वर्चुअल रियलिटी एक्सपीरियंस सेंटर और हिमाचल कॉर्नर ने खींचा ध्यान
संग्रहालय में स्थित ‘हिमाचल कॉर्नर’ विशेष रूप से पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के भारतीय सेना के साथ गहरे और अटूट संबंधों तथा यहां के महान परमवीर व सैन्य नायकों को समर्पित किया गया है। इसके अलावा संग्रहालय का आधुनिक ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ वर्चुअल रियलिटी (VR) आधारित सिमुलेशन के माध्यम से आगंतुकों को आधुनिक सैन्य तकनीकों और समकालीन सैन्य अभियानों का एक जीवंत एवं इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान करता है।