Teachers Day: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए लाहौल-स्पीति जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुलिंग (पिन-गुलिंग) में कार्यरत टीजीटी (नॉन-मेडिकल) खेचोक जांगपो का चयन किया गया है। उनके चयन की घोषणा के बाद से ही पूरे जनजातीय क्षेत्र स्पीति में खुशी और गर्व का माहौल है। दुर्गम व अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और अपने कर्तव्यों के प्रति अटूट समर्पण के लिए उन्हें इस राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा जा रहा है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का प्रतिफल है, बल्कि स्पीति की सरकारी शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
वर्तमान समय में जहां कई ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की घटती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है और अभिभावक निजी शिक्षण संस्थानों का रुख कर रहे हैं, वहीं पिन-गुलिंग स्कूल एक सशक्त मिसाल बनकर उभरा है। खेचोक जांगपो का यह सम्मान साबित करता है कि सीमित संसाधनों और विकट परिस्थितियों के बावजूद यदि शिक्षक आधुनिक सोच, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें तो सरकारी विद्यालयों में भी शिक्षा का स्तर नई बुलंदियों को छू सकता है। यह सफलता दर्शाती है कि किसी संस्थान की वास्तविक पहचान सिर्फ उसकी इमारत से नहीं, बल्कि वहां कार्यरत अध्यापकों की सोच और लगन से तय होती है।
स्पीति में ‘एजुकेशन डेवलपमेंट कमेटी‘ के गठन और प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने पर जोर
क्षेत्र में सरकारी शिक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षकों के स्तर पर एक ‘एजुकेशन डेवलपमेंट कमेटी’ गठित करने की आवश्यकता रेखांकित की गई है, जो आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में निरंतर सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसके साथ ही प्राथमिक शिक्षा की नींव को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया है, ताकि शुरुआती स्तर पर ही अभिभावकों का विश्वास सरकारी स्कूलों पर कायम किया जा सके। इसके अतिरिक्त शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ से मुक्त करने तथा स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) में पारदर्शिता व जवाबदेही तय करने के लिए हर वर्ष चुनाव कराने की व्यवस्था का सुझाव भी दिया गया है।