29 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

1 घंटा पहले
आज का पंचांग

29 September 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। मंगलवार का दिन संकटमोचन श्री हनुमान जी और मंगल ग्रह को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का तीसरा दिन है। आज के दिन तृतीया तिथि का श्राद्ध एवं तर्पण किया जाएगा। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-आराधना करने, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने और पितरों के निमित्त तर्पण व दान करने से साहस, शक्ति, भूमि-भवन के योग और पितरों के विशेष आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

 

29 September 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– आश्विन, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण

तिथि: तृतीया (शाम 05:10 बजे तक), उपरांत चतुर्थी तिथि प्रारंभ।

दिन: मंगलवार

नक्षत्र: अश्विनी (सुबह 09:03 बजे तक), उपरांत भरणी नक्षत्र प्रारंभ।

योग: व्याघात (प्रातः 06:12 बजे तक), उपरांत हर्षण।

करण: वणिज (प्रातः 06:14 बजे तक), विष्टि/भद्रा (शाम 05:10 बजे तक), उपरांत बव करण प्रारंभ।

प्रविष्टे: 13 आश्विन

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:18 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:05 बजे

चन्द्रोदय: सायं 07:34 बजे (29 सितंबर)

चन्द्रास्त: सुबह 09:50 बजे (30 सितंबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमा मेष राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)।

सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:42 से 05:30 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 बजे तक।

अमृत काल: रात 08:34 से 10:04 बजे तक।

आनन्दादि योग: राक्षस (सुबह 09:03 बजे तक), उपरांत चर योग।

 

राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)

राहुकाल: दोपहर 03 से 04:30 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: सुबह 09:15 से 10:44 बजे तक।

कुलिक: दोपहर 12:12 से 01:40 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 08:41 से 09:28 बजे तक एवं रात 11:02 से 11:50 बजे तक।

वर्ज्यम्: सुबह 10:03 से 11:34 बजे तक।

भद्रा: प्रातः 06:14 से शाम 05:10 बजे तक।

 

आज के प्रमुख व्रत और पर्व

तृतीया तिथि श्राद्ध: आश्विन कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि का श्राद्ध एवं पितृ तर्पण।

मंगला गौरी व हनुमान पूजन: कष्ट निवारण, मंगल दोष शांति एवं बल-बुद्धि हेतु श्री हनुमान जी की विशेष आराधना।

 

आज का विशेष उपाय (Special Remedy)

आज मंगलवार का दिन है और पितृ पक्ष की तृतीया तिथि का पावन संयोग है, इसलिए प्रातः स्नान के बाद श्री हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। इसके पश्चात दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के निमित्त तिलयुक्त जल से तर्पण करें और लाल फल, गुड़ या मसूर की दाल का दान किसी निर्धन अथवा ब्राह्मण को करें। इससे हनुमान जी की कृपा से सभी कष्ट दूर होंगे और पितरों के आशीर्वाद से घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

 

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