रमेश कंवर: कुल्लू
Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग द्वारा रैंप (RAMP) कार्यक्रम के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की कार्यक्षमता बढ़ाने और उन्हें आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला कुल्लू के शमशी औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित “स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं जेम व सीपीपी पोर्टल” विषयक इस कार्यशाला में क्षेत्र के लगभग 45 उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय एमएसएमई इकाइयों की प्रतिस्पर्धात्मकता, बाजार तक पहुंच और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी को सुदृढ़ बनाना रहा। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र से अनुज कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने उद्यमियों को संबोधित करते हुए आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीकों और डिजिटल माध्यमों को अपनाकर अपने व्यवसायों को अधिक सक्षम, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाएं।
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्री 4.0 पर दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला के प्रथम सत्र में विषय विशेषज्ञ संजीव शर्मा ने ‘स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग’ पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने उद्योगों में ऑटोमेशन, उद्योग 4.0 (Industry 4.0), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा-आधारित निर्णय लेने की प्रणाली और उत्पादन लागत को कम करने के व्यावहारिक तरीकों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
GeM और CPP पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया की जानकारी
द्वितीय सत्र में ईशांत डोगरा ने उद्यमियों को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) और सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (CPP) पोर्टल की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने पोर्टल पर नया पंजीकरण, ऑनबोर्डिंग, ऑनलाइन टेंडरिंग व बोली प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की सूची तथा एमएसएमई वर्ग के लिए सरकारी खरीद में उपलब्ध विशेष प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में रैंप (RAMP) टीम के प्रतिनिधियों द्वारा उद्यमियों की शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें आवश्यक तकनीकी सहायता व मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उद्योग विभाग के इस प्रयास से स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल सरकारी खरीद और आधुनिक विनिर्माण प्रणाली से जुड़ने में मदद मिलेगी।