तीस का दशक और द्वितीय गोलमेज सम्मेलन: जब लंदन में बैठे ‘कई हिन्दुस्तान’ के सामने गांधी ने रखा साझा स्वराज का विज़न

संकलन: रमेश कंवर Second Round Table Conference: 1930 का दशक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और राजनीतिक इतिहास का सबसे संवेदनशील, जटिल और निर्णायक कालखंड था। एक तरफ सरदार भगत सिंह, सुखदेव…

न धन, न जेवर… सिर पर घास की पूली लेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु: बिलासपुर के नंदेश्वर महादेव मंदिर की अनोखी परंपरा, शिवलिंग पर घास चढ़ाकर होती है जीव सेवा

रमेश कंवर Nandeshwar Mahadev Temple: देवभूमि हिमाचल के शिवालयों में आमतौर पर श्रद्धालु दूध, जल, बेलपत्र, भांग और धतूरा चढ़ाते देखे जाते हैं, लेकिन बिलासपुर जिले में भगवान शिव का…

Manimahesh Yatra: त्रिलोचन महादेव के वंशज संचुई के चेले 84 मंदिर से डल झील रवाना, आज निभाई जाएगी ‘डल तोड़ने’ की परंपरा

रमेश कंवर: चंबा Manimahesh Yatra: भरमौर की सदियों पुरानी धार्मिक आस्था, लोक विश्वास और देव परंपराओं का जीवंत निर्वहन करते हुए त्रिलोचन महादेव के वंशज एवं संचुई गांव के शिव…

Manimahesh Yatra: कुगति से पधारे कार्तिक स्वामी केलांग वजीर का हड़सर में भव्य स्वागत, भरमौर प्रशासन ने किया सम्मानित

रमेश कंवर: चंबा पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा (Manimahesh Yatra) की प्राचीन धार्मिक एवं लोक परंपराओं के तहत चंबा जिले के कुगति क्षेत्र से पधारे कार्तिक स्वामी केलांग वजीर का हड़सर…

 लाहुल के पवित्र ड्रिलबु पर्वत पर उमड़ा जनसैलाब, 7वीं सदी की गुफाओं की परिक्रमा कर दिया प्रेम व सद्भाव का संदेश

रमेश कंवर: मनाली Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहुल-स्पीति के पवित्र संगम स्थल तांदी के ठीक ऊपर स्थित पावन ड्रिलबु री (घंटा गिरी) पर्वत की परिक्रमा के लिए…

Sapiti Valley: 160 साल पहले 40 कुलियों संग स्पीति पहुंचे ब्रिटिश फोटोग्राफर सैमुअल बॉर्न ने कैमरे में कैद की थी ‘की मोनेस्ट्री’

रमेश कंवर हिमाचल प्रदेश की मनमोहक और दुर्गम स्पीति घाटी (Sapiti Valley) अपने सदियों पुराने मठों, अनूठी संस्कृति और अलौकिक दृश्यों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। आज से…

आधुनिकता की चकाचौंध में लुप्त होती हिमाचली शादियों की अनूठी परंपराएं, बुजुर्गों की सामूहिक सीख की अनदेखी

रमेश कंवर Himachal News: देवभूमि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध और अनूठी लोक संस्कृति में विवाह केवल दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि पूरे गांव के आपसी भाईचारे और सामूहिकता का…

1912 का जाखू मंदिर: 114 साल पुराने पोस्टकार्ड में कैद शांत शिमला, सादा देवालय और सदियों पुराना वानर-प्रेम

रमेश कंवर: शिमला राजधानी शिमला की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित प्रसिद्ध श्री हनुमान जाखू मंदिर (Jakhu Temple) आज अपने 108 फीट ऊंचे विशालकाय विग्रह, आधुनिक रोपवे और पक्के परिसरों…

तत्तापानी: सतलुज के तट पर आस्था, इतिहास, संघर्ष और परिवर्तन की महागाथा

आलेख: रमेश कंवर Tattapani: हिमाचल प्रदेश की सतलुज नदी के तट पर बसा तत्तापानी उन विरले स्थानों में है जहां प्रकृति, आस्था, रियासती इतिहास, लोकतांत्रिक आंदोलन और आधुनिक विकास की…

मणिमहेश का वो रहस्य: जिसे आज भी नहीं भूले लोग, कैलाश की ओर बढ़ा था गड़रिया फिर पत्थर बनने की कहानी

आलेख: रमेश कंवर मणिमहेश (Manimahesh) भगवान शिव की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां कई लोककथाएं भी प्रचलित हैं। इनमें एक कहानी गड़रिये की है, जिसके बारे में कहा जाता…

हिमाचल क्यों है सैलानियों को इतना पसंद