3 अक्तूबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

2 घंटे पहले
आज का पंचांग

3 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव और संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का सातवां दिन है। आज के दिन सप्तमी तिथि का श्राद्ध एवं तर्पण किया जाएगा। शनिवार के दिन शनिदेव और हनुमान जी की पूजा-आराधना करने, सरसों के तेल का दीपक जलाने और पितरों के निमित्त तर्पण व दान करने से सभी प्रकार के कष्ट, रोग-दोष, शनि बाधाएं दूर होती हैं और पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

 

3 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– आश्विन, अमांत– भाद्रपद

पक्ष: कृष्ण

तिथि: सप्तमी (सुबह 08:34 बजे तक), उपरांत अष्टमी तिथि प्रारंभ।

दिन: शनिवार

नक्षत्र: मृगशिरा

योग: व्यतीपात (शाम 05:32 बजे तक), उपरांत वरीयान् योग प्रारंभ।

करण: कौलव (सुबह 08:34 बजे तक), तैतिल (रात 07:13 बजे तक), उपरांत गर करण प्रारंभ।

प्रविष्टे: 17 आश्विन

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:21 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:00 बजे

चन्द्रोदय: रात 10:46 बजे (3 अक्तूबर)

चन्द्रास्त: दोपहर 01:36 बजे (4 अक्तूबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमा मिथुन राशि पर गोचर कर रहा है (पूरा दिन-रात)।

सूर्य राशि: सूर्य देव कन्या राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

3 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:46 से 05:33 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 से दोपहर 12:34 बजे तक।

अमृत काल: शाम 07:22 से रात 08:52 बजे तक।

 

3 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: दोपहर 01:38 से शाम 03:05 बजे तक।

कुलिक: सुबह 06:21 से 07:48 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 06:21 से 07:08 बजे तक एवं सुबह 07:08 से 07:55 बजे तक।

वर्ज्यम्: प्रातः 10:44 से दोपहर 12:15 बजे तक।

 

3 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व

सप्तमी तिथि श्राद्ध: आश्विन कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि का श्राद्ध एवं पितृ तर्पण।

शनिवार व्रत एवं शनि-हनुमान पूजन: कष्ट निवारण, शनि दोष मुक्ति एवं सर्व-विघ्न विनाश हेतु शनिदेव व हनुमान जी की विशेष पूजा।

 

3 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)

आज शनिवार का दिन है और पितृ पक्ष की सप्तमी तिथि का पावन योग है, इसलिए प्रातः स्नान के बाद शनिदेव या पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और उसमें काले तिल डालें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके पश्चात दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों के निमित्त काले तिल मिलाकर जल से तर्पण करें तथा किसी निर्धन या असहाय व्यक्ति को उड़द की दाल, सरसों का तेल, काले वस्त्र या जूते का दान करें। इससे शनि देव की कृपा से कष्ट दूर होंगे और पितरों के आशीर्वाद से परिवार में सुख, शांति व समृद्धि बनी रहेगी।

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