6 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 6 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य देव को समर्पित होता है। रविवार के दिन सूर्य देव की आराधना करने, उन्हें अर्घ्य देने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में मान-सम्मान, आरोग्य, तेज और सफलता की प्राप्ति होती है तथा कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है।
6 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– श्रावण
पक्ष: कृष्ण
तिथि: दशमी (रात 07:29 बजे तक), तत्पश्चात एकादशी प्रारंभ।
दिन: रविवार
नक्षत्र: आर्द्रा (रात 07:52 बजे तक), तत्पश्चात पुनर्वसु प्रारंभ।
योग: सिद्धि (सुबह 09:44 बजे तक), तत्पश्चात व्यतीपात प्रारंभ।
करण: वणिज (प्रातः08:42 बजे तक), उपरांत विष्टि (07:29), तत्पश्चात बव प्रारंभ।
प्रविष्टे: 21 भाद्रपद
ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:04 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:35 बजे
चन्द्रोदय: मध्यरात्रि 12:19 बजे
चन्द्रास्त: दोपहर बाद 3:21 बजे
चन्द्र राशि: चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव सिंह राशि पर गोचर कर रहे हैं।
आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:28 से 05:16 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11:54 से दोपहर 12:44 बजे तक।
अमृत काल: प्रातः 10:32 से दोपहर 12:02 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर बाद 02:26 से 03:17 बजे तक।
राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)
राहुकाल: शाम 04:30 से 06 बजे तक। (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: दोपहर 12:19 से 01:53 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सायं 04:54 से 05:45 बजे तक।
कुलिक: दोपहर बाद 3:27 से 5:01 बजे तक।
भद्रा (विष्टि): रात 09:53 बजे से अगले दिन प्रातः 08:52 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत और पर्व
भाद्रपद कृष्ण नवमी / गोगा नवमी: लोक देवता गोगा जी (जाहरवीर) का पूजन एवं नवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व।
रविवार व्रत व सूर्य देव पूजन: आरोग्य, तेज, आत्मविश्वास और कार्यक्षेत्र में प्रतिष्ठा की प्राप्ति के लिए भगवान सूर्य देव का पूजन।
आज का विशेष उपाय (Special Remedy)
चूंकि आज रविवार का दिन है और भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि का शुभ संयोग बन रहा है, इसलिए आरोग्य, तेज, पद-प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, रोली और लाल पुष्प डालकर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य दें। ‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘ॐ घृणिः सूर्याय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। किसी जरूरतमंद को गुड़, गेहूं या तांबे के बर्तन का दान करना अत्यंत शुभ और सर्वकार्य सिद्धिदायक माना जाता है।