रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित फार्मास्यूटिकल इकाइयों में दवाओं की गुणवत्ता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन (DCA) ने बड़ी नियामक कार्रवाई की है। कालाअंब स्थित दवा निर्माता कंपनी मैसर्स वेलक्योर रेमेडीज के खिलाफ राज्य और केंद्रीय औषधि नियंत्रक अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण के दौरान गंभीर कमियां पाए जाने पर उत्पादन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र और राज्य के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से फर्म का अनुपालन सत्यापन किया गया था। इस दौरान परिसर में गुणवत्ता और निर्माण मानकों से जुड़ी कई गंभीर और लगातार बनी हुई कमियां उजागर हुईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और इसके नियमों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
स्वास्थ्य सचिव के अनुसार, संबंधित फार्मा कंपनी ने पाई गई कमियों को दूर करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी। हालांकि, जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न करते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। फर्म को आदेश दिए गए हैं कि जब तक वह सभी मानकों के तहत संतोषजनक अनुपालन सुनिश्चित नहीं कर लेती और नियामक अधिकारियों द्वारा इसका दोबारा सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक उत्पादन पूरी तरह बंद रहेगा।
सरकार ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में निर्मित होने वाली दवाओं की सुरक्षा, प्रभावकारिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए गैर-अनुपालन करने वाली अन्य दवा इकाइयों पर भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम जनता को मानक गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध हो सकें।