हिमाचल ने रचा इतिहास: ‘हिम ई-पंचायत’ पोर्टल शुरू करने वाला पहला राज्य बना, ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद तक की बैठकें हुईं पेपरलेस

15 घंटे पहले
Himachal News Him ePanchayat Proceeding System Launch

रमेश कंवर: शिमला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश पंचायती राज व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटलाइज्ड और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासनिक संस्थान (MSHIPA) फेयरलाउंस शिमला में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने ‘हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम’ (Him e-Panchayat Proceeding System) पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की बेस्ट प्रैक्टिसेज मैगजीन का विमोचन भी किया।

इस क्रांतिकारी डिजिटल पोर्टल के माध्यम से अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों (BDC) और जिला परिषदों की बैठकों की पूरी कार्यवाही को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे पंचायती राज संस्थाओं के कामकाज में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी, बैठकों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और नियमों के उल्लंघन या बजट के दुरुपयोग के कारण होने वाले न्यायालयीन विवादों पर भी पूरी तरह अंकुश लग सकेगा।

कोरम से लेकर ई-हस्ताक्षर तक सब कुछ होगा डिजिटल

कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि हिम ई-पंचायत पोर्टल पर पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के अधिकारी और जनप्रतिनिधि आपस में जुड़ सकेंगे। पोर्टल में ‘हिम एक्सेस’ के जरिए सिंगल लॉगिन की सुविधा दी गई है। इसके माध्यम से पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों और ग्राम सभा सदस्यों की डिजिटल उपस्थिति दर्ज होगी। बैठक के लिए आवश्यक कोरम पूरा हुआ है या नहीं, इसका निर्धारण भी सिस्टम खुद करेगा। कार्यवाही पूरी होने के बाद ई-हस्ताक्षर (e-Signature) की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता समाप्त होगी।

आम नागरिक भी देख सकेंगे पंचायतों की कार्यवाही

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल की 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। इस पोर्टल को पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में कोई भी आम नागरिक किसी भी पंचायत की बैठक का एजेंडा और प्रस्ताव कहीं से भी ऑनलाइन देख सकेगा। इसके अलावा, राज्य भर में लगभग 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से एक समान मॉडल वाले अत्याधुनिक पंचायत घरों का निर्माण भी किया जा रहा है।

अधिकारियों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सीईओ सुरेंद्र मोहन ने बताया कि इस दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बीडीओ और जिला विकास अधिकारियों को केंद्रीय व राज्य स्तरीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बजट के सही उपयोग का प्रशिक्षण देना है। इस अवसर पर विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारी, बीडीओ और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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