Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ा है। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीरवार को मंडी जिले के विकास खंड सुंदरनगर के अंतर्गत एचपी शिवा परियोजना के पलोहटा-II क्लस्टर में 25 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक मोनोरेल का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बागवानी मंत्री ने कहा कि मोनोरेल के माध्यम से बागवानों को खाद, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री पौधों तक पहुंचाने के साथ-साथ फसल तैयार होने पर फलों की ढुलाई में भारी सुगमता मिलेगी। इससे बागवानों के श्रम और समय दोनों की बचत होगी तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बागवानी कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
Himachal News: 1100 करोड़ से बदलेगी निचले क्षेत्रों की आर्थिकी
जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार की एचपी शिवा परियोजना हिमाचल के निचले क्षेत्रों में बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिस पर लगभग 1,100 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सात जिलों में करीब 6,000 हेक्टेयर भूमि में बागवानी गतिविधियों को विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण इस परियोजना के कार्यों में कुछ विलंब जरूर हुआ था, लेकिन अब कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंडी जिले में लगभग 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी विकास का कार्य पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं और आगामी फरवरी माह तक निर्धारित क्षेत्र में पौधरोपण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
पलोहटा में जापानी फल की फ्यूयू किस्म के 13,386 पौधे रोपित
बागवानी मंत्री ने जानकारी दी कि पलोहटा-II क्लस्टर में 28.44 हेक्टेयर क्षेत्र को जापानी फल (पर्सिमन) की व्यावसायिक ‘फ्यूयू’ किस्म की खेती के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है। इस क्लस्टर में कुल 13,386 पौधे रोपे गए हैं, जिससे क्षेत्र के 85 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। इन लाभार्थियों में 73 पुरुष और 12 महिला किसान शामिल हैं।
पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर अन्य बागवानी क्लस्टरों में भी लगेगी मोनोरेल
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विदेशों की तर्ज पर बागवानी विभाग द्वारा स्थापित यह मोनोरेल एक पायलट प्रोजेक्ट है। इसके धरातलीय परिणामों और तकनीकी उपयोगिता का विस्तृत आकलन किया जाएगा। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में प्रदेश के अन्य बागवानी क्लस्टरों में भी आवश्यकता के अनुसार ऐसी मोनोरेल सुविधाएं स्थापित की जाएंगी ताकि बागवानों को भारी बोझ उठाने से मुक्ति मिल सके।
बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किए गए 1.65 करोड़ रुपये
उन्होंने बताया कि पलोहटा-II क्लस्टर में बागवानी को गति देने के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास पर लगभग 1.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें भूमि सुधार व विकास पर करीब 32 लाख रुपये, सौर ऊर्जा आधारित बाड़बंदी पर 46.55 लाख रुपये तथा ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित करने पर 85.94 लाख रुपये का व्यय शामिल है।
किसानों को कृषि सामग्री बांटी
क्लस्टर के किसानों को खेती के लिए जरूरी सामग्री भी मुहैया करवाई गई है। इसमें 61 क्विंटल नीम खली पर 1,03,999 रुपये, मल्च शीट पर 14,46,432 रुपये और जापानी फल की फ्यूयू किस्म के पौधों पर 20,59,544 रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा 24,000 रुपये की लागत से पौधों की छंटाई के लिए 8 सेक्येटर, मनरेगा के तहत 5,32,180 रुपये तथा आवश्यक उर्वरकों की पूरी व्यवस्था की गई है।
विशेषज्ञों की मौजूदगी में संपन्न हुआ कार्यक्रम
इससे पूर्व जिला समन्वयक एचपी शिवा एवं विषय विशेषज्ञ उद्यान राजेश शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और परियोजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, निगम अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, बोर्ड उपाध्यक्ष शशि शर्मा, एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी सहित अन्य प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।