Manali News: रांगड़ी कूड़ा संयंत्र में मानकों से अधिक लीचेट मिलने पर गौतम ठाकुर ने नगर परिषद मनाली की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

2 घंटे पहले

रमेश कंवर: मनाली

Manali News: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन जनहित याचिका संख्या 92/2024 (गौतम ठाकुर बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य) के संदर्भ में रांगड़ी कूड़ा संयंत्र में लीचेट का स्तर निर्धारित मानकों से कहीं अधिक पाए जाने पर कांग्रेस नेता एवं लाइफ लाइन एनजीओ मनाली के मुख्य संरक्षक गौतम ठाकुर ने नगर परिषद मनाली के कार्यकारी अधिकारी की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
गौतम ठाकुर ने कहा कि हालिया जांच रिपोर्ट में लीचेट के नमूनों में बीओडी (BOD) 160 और सीओडी (COD) 636 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया है, जो पर्यावरण नियमों के तहत तय मानकों से काफी ज्यादा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बाद भी संयंत्र से संबंधित समस्या का समाधान न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को मनाली शहर और पावन व्यास नदी के प्रति अपनी प्रशासनिक जवाबदेही को गंभीरता से समझना चाहिए।

Manali News: सनटेन कंपनी से कूड़ा प्रबंधन वापस लेने की मांग
गौतम ठाकुर ने प्रदेश सरकार से पुरजोर मांग की है कि रांगड़ी कूड़ा संयंत्र का संचालन करने वाली सनटेन कंपनी से कूड़ा प्रबंधन का काम तत्काल वापस लिया जाए और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार स्वयं अपने हाथों में ले। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनी और संबंधित अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ व जवाबदेही की कमी के कारण इस संयंत्र की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।

करोड़ों के टैक्स के बावजूद वार्डों में विकास कार्य ठप
कांग्रेस नेता ने कहा कि मनाली के हजारों नागरिकों और व्यापारियों से हाउस टैक्स व कूड़ा प्रबंधन शुल्क के रूप में करोड़ों रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि कचरे को सीमेंट फैक्ट्रियों तक भेजने के लिए ट्रकों के भाड़े पर ही लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भारी राजस्व संग्रह के बावजूद शहर के सभी वार्डों में बुनियादी विकास कार्यों की स्थिति अत्यंत निराशाजनक बनी हुई है।

अधिकारियों के आवास चमकाने पर करोड़ों खर्च, सफाई कर्मचारी बदहाल
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की पहली स्वच्छ नगर पालिका का तमगा हासिल करने की होड़ में अधिकारियों के दफ्तरों और आवासों के जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, जबकि शहर को साफ रखने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए आज तक न तो उचित आवास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और न ही कोई स्पष्ट कल्याणकारी नीति बनी है।

कूड़ा प्रबंधन का स्वतंत्र ऑडिट और व्यास नदी के संरक्षण की मांग
गौतम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि मनाली को विज्ञापनों और खोखले दावों की नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था, जवाबदेह अफसरों और धरातलीय नतीजों की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था का स्वतंत्र ऑडिट करवाया जाए, व्यास नदी में गिरते प्रदूषण पर पूर्ण रोक लगे और सफाई कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

 

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