रमेश कंवर: लेह
Ladakh News: पूर्वी लद्दाख के रणनीतिक रूप से संवेदनशील चांगथांग क्षेत्र के न्योमा और दुर्बुक उपमंडलों को रियायती हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की मांग उठी है। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (LAHDC), लेह के पूर्व कार्यकारी पार्षद कोंचोक स्टैनजिन ने उपराज्यपाल और मुख्य सचिव से सीमावर्ती निवासियों को समान हवाई संपर्क सुविधा मुहैया कराने की अपील की है। इस मांग पर संज्ञान लेते हुए लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
Ladakh News: एलएसी से सटे इलाकों को जोड़ने की मांग
पूर्व कार्यकारी पार्षद कोंचोक स्टैनजिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए चांगथांग के दूरदराज क्षेत्रों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थित न्योमा और दुर्बुक बेहद रणनीतिक और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि शीतकाल के दौरान चांगथांग के लोगों को भी रियायती दरों पर हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ मिलना चाहिए, क्योंकि वे भी हवाई संपर्क की समान सुविधा के हकदार हैं।
मुख्य सचिव ने दिया समाधान का भरोसा
स्टैनजिन के अनुरोध पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस मुद्दे का उचित समाधान निकालेगा। मुख्य सचिव के इस आश्वासन के बाद सीमावर्ती चांगथांग क्षेत्र के ग्रामीणों में शीतकाल से पहले हवाई सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।
30 सितंबर से शुरू हुई है पवन हंस सेवा
कड़ाके की सर्दियों के मद्देनजर लद्दाख प्रशासन ने दूरदराज के क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम बनाने के लिए 30 सितंबर को रियायती हेलीकॉप्टर सेवा फिर से शुरू की थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग और पट्टा समझौते के तहत इस सेवा का संचालन पवन हंस लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। भारी बर्फबारी के बीच यह सेवा स्थानीय लोगों के लिए जीवनरेखा का काम करती है।
वर्तमान में 7 सुदूर क्षेत्रों से जुड़ा है लेह
मौजूदा समय में पवन हंस की यह हेलीकॉप्टर सेवा लेह को सात प्रमुख व दुर्गम स्थानों से जोड़ रही है। इनमें कारगिल, पदुम (जांस्कर), लिंगशेड, डिबलिंग, न्येरक, दिस्कित और तुरतुक शामिल हैं। इस हवाई सेवा से न केवल स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को आवागमन का सुरक्षित विकल्प मिलता है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर मरीजों को समय पर एयरलिफ्ट करने में भी बड़ी मदद मिलती है।
सर्दियों में कट जाता है सड़क संपर्क
पूर्वी लद्दाख के चांगथांग में स्थित न्योमा और दुर्बुक अत्यधिक ऊंचाई वाले और अत्यधिक ठंड प्रभावित क्षेत्र हैं। सर्दियों के महीनों में भारी बर्फबारी और माइनस तापमान के कारण सड़क मार्ग अक्सर महीनों तक बंद रहता है। ऐसे में इन क्षेत्रों को हेलीकॉप्टर नेटवर्क में शामिल करने से सीमावर्ती ग्रामीणों को आवश्यक आपूर्ति और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की सीधी सुविधा मिल सकेगी।