Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में हैरान कर देने वाला एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति की हत्या के आरोप में पुलिस बीते कई दिनों से गोबिंद सागर झील में गोताखोरों की मदद से शव की तलाश कर रही थी, वह व्यक्ति पूरी तरह सही-सलामत और जिंदा निकला। पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि पीड़ित एक ढाबे पर मजदूरी कर रहा था। भाई और भाभी ने आपसी मारपीट के बाद उसे मृत समझ लिया था और खौफ के मारे गोबिंद सागर झील के किनारे फेंक दिया था।
मामले की शुरुआत में पीड़ित मदन लाल के भाई बिशन दास और भाभी रानी देवी ने पुलिस की पूछताछ में यह कबूल किया था कि झगड़े के दौरान मदन लाल की मौत हो गई थी। आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने मदन लाल की लाश को झील के पास ठिकाने लगा दिया है। इस सनसनीखेज बयान के आधार पर पुलिस की टीमों ने शव की बरामदगी के लिए गोबिंद सागर झील और उसके आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन कड़ी मशक्कत के बावजूद शव का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मिला सुराग
पुलिस रिमांड के दौरान जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई और स्थानीय गुप्तचरों को अलर्ट किया गया, तो पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा। जांच में पता चला कि मदन लाल को बीते 13 सितंबर को मंडी भराड़ी और स्वारघाट के आसपास देखा गया था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने स्वारघाट और मंडी भराड़ी क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी कड़ी में पुलिस ने दबिश देकर बीती रात करीब 9 बजे मदन लाल को एक ढाबे से सही-सलामत ढूंढ निकाला।
भाभी ने सिर पर मारा था पत्थर
पुलिस की पूछताछ में पीड़ित मदन लाल ने पूरी आपबीती सुनाते हुए बताया कि 11 सितंबर को वह शराब के नशे में था और घर पर भाई बिशन दास से कहासुनी हो गई थी। उसी दौरान भाभी रानी देवी ने उसके सिर पर पत्थर से वार कर दिया था। प्राथमिक उपचार और पट्टी कराने के बाद जब वह वापस घर लौटा, तो भाई-भाभी ने दोबारा उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे वह बेहोश हो गया।
बेहोशी को मौत समझकर झील किनारे फेंका
मदन लाल ने बताया कि 12 सितंबर को जब उसे होश आया, तो उसने खुद को चंगरू के पास गोबिंद सागर झील के किनारे पाया। वहां से उठकर वह पैदल ही मंडी भराड़ी की ओर निकल गया और रास्ते में मेडिकल स्टोर से पट्टी करवाकर स्वारघाट में नेशनल हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर पहुंच गया। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि मारपीट के बाद आरोपी भाई-भाभी उसे मृत समझ बैठे थे और घबराहट में झील किनारे फेंक आए थे। फिलहाल पुलिस मामले में सभी कानूनी पहलुओं के तहत अगली जांच कर रही है।