रमेश कंवर
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी जिले चंबा की होनहार धाविका सीमा ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर एक बार फिर देवभूमि का परचम लहराया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में सीमा ने 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। चंबा जिले के रेटा गांव जैसे दूरदराज इलाके से निकलकर जापान के एथलेटिक्स ट्रैक तक पहुंची सीमा की यह ऐतिहासिक सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और जुझारूपन का परिणाम है।
10,000 मीटर के फाइनल मुकाबले के दौरान जब दौड़ अपने बेहद रोमांचक मोड़ पर थी और सीमा टॉप-थ्री में मजबूती से आगे बढ़ रही थीं, तभी अचानक उनका जूता फट गया। इससे उनकी दौड़ की लय और रफ्तार प्रभावित हुई। इस बड़ी अप्रत्याशित बाधा के बावजूद सीमा ने हिम्मत नहीं हारी और अदम्य साहस का परिचय देते हुए फिनिश लाइन पार कर भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया।
मार्च 2026 में बनाया था पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड, राष्ट्रीय स्तर पर जीते हैं कई मेडल
सीमा का यह प्रदर्शन उनकी निरंतर ट्रेनिंग और क्षमता को दर्शाता है। विश्व एथलेटिक्स के आंकड़ों के अनुसार, सीमा ने मार्च 2026 में ही 10,000 मीटर दौड़ में 32 मिनट 02.43 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया था। इससे पहले उन्होंने ‘खेलो इंडिया स्कूल गेम्स’ में 3,000 मीटर में स्वर्ण पदक जीतकर अपने स्वर्णिम सफर का आगाज किया था।
राष्ट्रीय खेलों और अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर रहा है दबदबा
सीमा का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2022 के राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने 10,000 मीटर में स्वर्ण और 5,000 मीटर में रजत पदक जीता था। इसके बाद 2023 के राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने 5,000 और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में डबल गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। इसके अलावा सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, यूथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप और यूथ एशियन ओलंपिक क्वालीफिकेशन में भी वे देश के लिए मेडल जीत चुकी हैं। चंबा की बेटी की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है।