रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में नशा माफिया और अवैध तस्करी के खिलाफ प्रदेश सरकार ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि नशे के काले कारोबार से करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले तस्करों को अब अपनी आय का पाई-पाई का हिसाब देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा बेचकर बनाई गई आलीशान कोठियां, होटल, दुकानें, खरीदी गई महंगी गाड़ियां और जमीनें वास्तव में उन पीड़ित परिवारों की कीमत पर अर्जित की गई हैं, जिनके बच्चे नशे के जाल में फंसे हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए हाल ही में लगभग 3.27 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त करने के लिए पुलिस जिला नूरपुर की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तस्करों द्वारा नशे की कमाई से बनाई गई हर संपत्ति अंततः जनता की होगी और सरकार इसे जब्त कर पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नूरपुर में अब तक 29.95 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत अब तक 17 मामलों में 29.95 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति को सफलतापूर्वक जब्त किया जा चुका है। जब्त की गई संपत्तियों में आलीशान भवन, होटल, व्यावसायिक दुकानें, जमीन, महंगी गाड़ियां और बैंक खाते शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई नशा माफिया के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में उनके लिए कोई स्थान नहीं है।
PIT-NDPS एक्ट से कसेगा शिकंजा, पंचायत स्तर पर मैपिंग
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद आदतन नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त PIT-NDPS कानून लागू किया गया है, जिसके तहत अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पंचायत स्तर तक नशा माफिया की मैपिंग पूरी कर ली है और पुलिस को कार्रवाई के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है। मुख्यमंत्री ने आम जनता से भी अपील की कि वे नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी गोपनीय सूचना को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें, ताकि हिमाचल को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके।