रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का शिमला जिले के रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों का तीन दिवसीय विस्तृत दौरा संपन्न हो गया है। 1 से 3 अक्तूबर तक चले इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचकर आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने रोहड़ू और रामपुर क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कुल 415.80 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए।
अपने इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने रोहड़ू के दुर्गम क्षेत्र भटवाड़ी तथा रामपुर के काशा-पाट गांव में रात्रि प्रवास भी किया। इन अति-दुर्गम इलाकों में रात को ठहरने वाले वे प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
रोहड़ू को 182.87 करोड़ और रामपुर को मिले 232.93 करोड़ रुपये के विकास प्रोजेक्ट
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के लिए 182.87 करोड़ रुपये की लागत वाली 61 विकास परियोजनाओं के उपहार दिए। इन परियोजनाओं में सड़कों के सुधार, पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शैक्षणिक संस्थानों के भवनों का जीर्णोद्धार शामिल है। दूसरी ओर रामपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने 232.93 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली 28 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बजट का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर खर्च कर रही है ताकि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
सेब बागवानों और पशुपालकों के लिए बड़ी राहत, एमआईएस मूल्य में एक रुपये की बढ़ोतरी
चिड़गांव में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में 1 दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में वृद्धि की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। इसके साथ ही बागवानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीदे जाने वाले सेब के मूल्य में एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा की, जिससे अब एमआईएस के तहत सेब 12 रुपये के स्थान पर 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। इसके अलावा टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
संदासू अस्पताल का स्तरोन्नयन, सीबीएसई स्कूल और दो-दो करोड़ के भवन स्वीकृत
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संदासू को स्तरोन्नत कर सिविल अस्पताल बनाने की घोषणा की। उन्होंने समरकोट में सब-तहसील खोलने तथा चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय स्थापित करने के लिए सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए ताकि प्रशासनिक कार्यों के लिए लोगों को दूर न जाना पड़े। शिक्षा के क्षेत्र में पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहड़ू, काशा-पाट स्कूल और रचौली स्कूल के नए भवनों के निर्माण के लिए दो-दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई, जबकि जांगला, चिड़गांव, धमवाड़ी और तकलेच स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
‘सरकार गांव के द्वार‘ से मिली राहत, महिला मंडलों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा
भटवाड़ी में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए महिला मंडलों को पांच-पांच लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के लिए भी पांच लाख रुपये स्वीकृत किए गए और बरशील पुल को वाहन योग्य बनाने तथा चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया। काशा-पाट में नए स्कूल भवन के लिए दो करोड़ रुपये देने के साथ ही काशा-पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक नई बस सेवा शुरू करने और खेल मैदान विकसित करने की घोषणा की गई।
नशा विरोधी अभियान को गति और श्रमिकों को 5.78 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री ने रोहड़ू और रामपुर दोनों स्थानों पर ‘एंटी चिट्टा रैली’ में भाग लेकर प्रदेश को नशामुक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई। इसके अलावा नोगली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 1,471 पंजीकृत श्रमिकों को 5.78 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित की। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देना और दूरदराज के क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना ही प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य है।