मंडी के विनोद कुमार ने गरीबी और संघर्ष को पछाड़ा, बने सीबीएसई में हिंदी लेक्चरर

रमेश कंवर: कुल्लू

Himachal News: मंडी जिले की बालीचौकी तहसील के अंतर्गत आने वाले गाड़ा-गुसैणी क्षेत्र के घाट गांव के प्रतिभावान युवा विनोद कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट धैर्य और लगन के दम पर सफलता का नया कीर्तिमान रचा है। विनोद कुमार का चयन सीबीएसई में हिंदी लेक्चरर के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है। एक बेहद साधारण किसान व मजदूर परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की संस्था में अपनी सेवाएं देने का अवसर प्राप्त करने पर न केवल उनके गांव बल्कि पूरे मंडी जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

विनोद कुमार का जन्म बालीचौकी के थुनबाडी गांव के मूल निवासी मिने राम और सबित्रा देवी के घर हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घाट से हुई, जबकि स्नातक की पढ़ाई उन्होंने राजकीय महाविद्यालय बंजार से पूरी की।

विनोद कुमार की यह सफलता इसलिए भी मिसाल है क्योंकि उनका सफर बेहद कठिन और चुनौतियों से भरा रहा। उनके पिता पेशे से किसान और मजदूर हैं, जिन्होंने हाड़-तोड़ मेहनत कर अपने बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाया। वहीं, उनकी माता सबित्रा देवी लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। घर में एक तरफ माता के इलाज का भारी खर्च और दूसरी तरफ पढ़ाई की जरूरतें थीं। इस भीषण आर्थिक तंगी के बावजूद पिता ने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत-मजदूरी से विनोद के सपनों के बीच गरीबी को आड़े नहीं आने दिया।

प्रतियोगी परीक्षाओं के दौर में विनोद कई बार बेहद मामूली अंकों के अंतर से अंतिम चयन से चूक जाते थे। इसके बावजूद उन्होंने निरंतर प्रयास जारी रखा, असफलता से निराश होने के बजाय खुद को और मजबूत किया और आखिरकार सीबीएसई में हिंदी लेक्चरर बनकर अपने सपने को साकार कर दिखाया।

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बहनों को देते हुए विनोद कुमार ने भावुक होकर कहा कि उनके माता-पिता ही उनके लिए भगवान का रूप हैं। हर कठिन मोड़ पर पिता का हौसला और बहनों का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

क्षेत्र के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रेरणादायी संदेश देते हुए विनोद ने कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। हमेशा आशावादी रहें, क्योंकि असफलता ही सफलता का सही मार्ग प्रशस्त करती है। यदि मन में आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और धैर्य हो, तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। विनोद कुमार के चयन पर गाड़ा-गुसैणी व बालीचौकी क्षेत्र के गणमान्य लोगों और शुभचिंतकों ने उन्हें व उनके परिवार को बधाई दी है।

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