रमेश कंवर: शिमला
Himachal News: कहते हैं कि अगर हुनर को सही समय पर तराश कर सही मंच प्रदान किया जाए, तो वह बुलंदियों के नए आयाम स्थापित करता है। इस बात को शिमला शहर के प्रसिद्ध सरकारी कॉलेज आरकेएमवी की पूर्व छात्राओं ने सच साबित कर दिखाया है। कॉलेज के पेंटिंग विभाग की 20 से अधिक पूर्व छात्राओं ने एकजुट होकर ‘इन्द्रेणी’ नाम से महिला पेंटिंग आर्टिस्ट का एक संयुक्त मंच तैयार किया है। यह समूह न केवल प्रदेश की कला और संस्कृति का संवर्धन कर रहा है, बल्कि घर बैठे आत्मनिर्भर बनकर स्वरोजगार की एक नई मिसाल भी पेश कर रहा है।
शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में 12 सितंबर से 16 सितंबर तक महासू आर्ट शिमला के सहयोग से ‘इन्द्रेणी’ की 5वीं चित्रकला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बेटियों के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की और सभी महिला कलाकारों को सम्मानित किया।
आरकेएमवी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भादर सिंह के मार्गदर्शन में वर्ष 2021 में जमुना गुरुंग, सुषमा शर्मा, सुष्मिता राय, सपना, कृतिका, निर्मला और अमीषा ने मिलकर ‘इन्द्रेणी’ समूह की नींव रखी थी। इस वर्ष आयोजित 5वें संस्करण में 23 महिला चित्रकारों ने भाग लिया, जिनमें 20 हिमाचल प्रदेश तथा अन्य उत्तराखंड, झारखंड और नेपाल से संबंध रखती हैं।
पहाड़ी संस्कृति, आर्किटेक्चर और ‘खाडू‘ जीवन शैली बनी पहचान
‘इन्द्रेणी’ से जुड़ी हर बेटी आज अपनी चित्रकारी के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर रही है। शिमला के कोटगढ़ क्षेत्र के बाहली गांव की रहने वाली रुचिका (2019-2022 बैच) पहाड़ी टोपी और पहाड़ी शॉल की थीम पर पेंटिंग्स बनाती हैं। उनकी बनाई कलाकृतियां अब तक सात देशों में भेजी जा चुकी हैं और देश के विभिन्न सरकारी कार्यालयों की शोभा बढ़ा रही हैं। रुचिका पेंटिंग्स बेचकर अब तक करीब 5 लाख रुपये की कमाई कर चुकी हैं। इसी तरह, सुन्नी क्षेत्र की सपना (2018-2021 बैच) हिमाचली खाडू समुदाय के जीवन संघर्ष और रहन-सहन को कैनवास पर उकेरती हैं। वे 25 से अधिक पेंटिंग्स बेचकर 3 से 4 लाख रुपये कमा चुकी हैं। वहीं, नेपाल मूल की सुष्मिता राय, जिनकी स्कूली शिक्षा हिमाचल में हुई और उन्होंने आरकेएमवी से बीए पेंटिंग की डिग्री हासिल की, शिमला के ऐतिहासिक आर्किटेक्चर पर पेंटिंग्स बनाती हैं। सुष्मिता अब तक 40 से 45 पेंटिंग्स बेचकर करीब दो लाख रुपये की आय अर्जित कर चुकी हैं।
उपायुक्त ने हुनर को सराहा
प्रदर्शनी का मुआयना करने पहुंचे उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि आरकेएमवी की पूर्व छात्राओं के इस प्रयास से न केवल हिमाचल, बल्कि अन्य राज्यों और नेपाल की महिला चित्रकार भी इस मंच से जुड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हर पेंटिंग हिमाचल की सभ्यता और समृद्ध लोक संस्कृति की एक अनूठी कहानी बयां कर रही है। बेटियां अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर हिमाचल के सपने को साकार कर रही हैं। उपायुक्त ने छात्राओं को तराशने में अहम भूमिका निभाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भादर सिंह के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आम जनता और कला प्रेमियों से अपील की कि इन बेटियों द्वारा बनाई गई खूबसूरत पेंटिंग्स को अवश्य खरीदें, ताकि उनके स्वरोजगार और हुनर को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।