रमेश कंवर: कुल्लू
Kullu Dussehra: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की धूम के बीच ढालपुर का रथ मैदान गुरुवार को वैश्विक संस्कृतियों के अनूठे संगम का गवाह बना। ग्लोबल डांस कार्यक्रम में करीब 15 देशों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान हिमाचली लोकगीत ‘लगा डोलो रा धमाका’ की थाप पर विदेशी कलाकार भी खुद को रोक नहीं पाए और जमकर पहाड़ी नाटी डाली।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कुल्लू दशहरा हिमाचल का सबसे बड़ा उत्सव है, जो हमारी समृद्ध देव संस्कृति और लोक परंपराओं को वैश्विक पटल पर पहुंचा रहा है। उन्होंने भगवान रघुनाथ जी के शिविर में शीश नवाया और लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में आयोजित दूसरी सांस्कृतिक संध्या में भी शिरकत की।
Kullu Dussehra: पहाड़ी नाटी पर थिरके विदेशी
ग्लोबल डांस कार्यक्रम के दौरान अमेरिका, रूस, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान और मलेशिया सहित कई देशों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इनके साथ लद्दाख, स्पीति और हिमाचल के कलाकारों ने भी मंच साझा किया। जब पहाड़ी नाटी की धुन बजी, तो विदेशी दल के सदस्यों ने स्थानीय कलाकारों के साथ कदम से कदम मिलाकर नाटी डाली, जिससे पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
लेजर और ड्रोन शो से बढ़ी भव्यता
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू दशहरा के ऐतिहासिक स्वरूप में समय के साथ आधुनिक आकर्षण भी जुड़े हैं। राम राज्य की अवधारणा पर आधारित लेजर शो और आधुनिक ड्रोन शो ने इस बार उत्सव के आकर्षण को दोगुना कर दिया है। उन्होंने मेले को भव्य रूप देने के लिए स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के प्रयासों की सराहना की।
संस्कृतियों के आदान-प्रदान से निखरती है पहचान
मुकेश अग्निहोत्री ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी से हिमाचली संस्कृति कमजोर नहीं होती, बल्कि उसकी मौलिकता और विशिष्टता दुनिया के सामने और निखरकर आती है। विभिन्न देशों के कलाकारों का यह जमावड़ा आपसी सद्भाव, समझ और वैश्विक मित्रता को मजबूत करने का बेहतरीन जरिया बन रहा है।
रघुनाथ जी के दर्शन और प्रदर्शनियों का जायजा
ग्लोबल डांस के बाद उप मुख्यमंत्री ने ढालपुर मैदान में भगवान रघुनाथ जी के अस्थाई शिविर में जाकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मैदान में सजी विभिन्न विभागों की विकासात्मक प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और कलाकारों का हौसला बढ़ाया।