ग्राम पंचायत शकोली का ऐतिहासिक फैसला: नशा बेचने वालों पर होगा 50 हजार जुर्माना और सूचना देने वाले को मिलेंगे 15 हजार का इनाम

रमेश कंवर: केलांग 

Lahul-Sapiti News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की ग्राम पंचायत शकोली ने गांव के बेहतर भविष्य और सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। 2 अक्तूबर को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में पंचायत ने सर्वसम्मति से नशाखोरी के खिलाफ कड़े नियम लागू करने और गांव को स्वच्छ व स्वस्थ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

ग्राम पंचायत द्वारा लिए गए इन सख्त निर्णयों का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में जाने से बचाना और पर्यावरण तथा जनस्वास्थ्य की रक्षा करना है। ग्राम सभा की बैठक में नशे के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए सख्त जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया है। नए नियमों के तहत यदि गांव में कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थ बेचते हुए पाया जाता है, तो उस पर 50,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इसके अतिरिक्त, नशा तस्करी में लिप्त लोगों की सटीक और विश्वसनीय जानकारी पंचायत तक पहुंचाने वाले गुप्त सूचनाकर्ता को 15,000 रुपये की प्रोत्साहन इनाम राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।

 

शादी-समारोहों और आयोजनों में कोल्ड ड्रिंक्स पर पूर्ण प्रतिबंध

पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत शकोली ने शादी-समारोहों, त्योहारों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में कोल्ड ड्रिंक्स के उपयोग पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। पंचायत प्रतिनिधियों का मानना है कि कोल्ड ड्रिंक की प्लास्टिक बोतलों से बड़ी मात्रा में कचरा फैलता है, जिससे घाटी की प्राकृतिक स्वच्छता प्रभावित हो रही है। साथ ही, शीतल पेय के अत्यधिक सेवन से डायबिटीज, फैटी लिवर और यूरिक एसिड जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं, जिन्हें रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

 

नशामुक्त, स्वच्छ और स्वस्थ गांव के संकल्प को पूरा करने की अपील

ग्राम पंचायत शकोली ने ‘नशामुक्त गांव, स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव’ के अपने मूल संकल्प को दोहराते हुए सभी ग्रामीणों से इन नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करने का आह्वान किया है। पंचायत ने कहा है कि यह सामूहिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखेगा। स्थानीय निवासियों ने ग्राम पंचायत के इस साहसिक और अनुकरणीय फैसले का स्वागत किया है। इस ऐतिहासिक पहल से जिला लाहौल-स्पीति की अन्य पंचायतों को भी सामाजिक सुधार और स्वच्छता की दिशा में नई प्रेरणा मिलेगी।

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