26 October 2026 ka Panchang: वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रतिदिन प्रातःकाल पंचांग पढ़ना शुभ माना जाता है। पंचांग हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अवयवों से बना है- तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज सोमवार का दिन है। सोमवार का दिन देवाधिदेव महादेव भगवान शिव और मन के कारक चंद्र देव को समर्पित होता है। आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि प्रातः 09:41 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा। आज के दिन महर्षि वाल्मीकि जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा तथा इसी दिन से पवित्र कार्तिक मास के स्नान-नियमों का शुभारंभ होता है। आज भगवान शिव, चंद्र देव और श्री हरि विष्णु की उपासना से जीवन के समस्त कष्टों का निवारण होता है।
26 October 2026 ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)
मास: पूर्णिमांत- आश्विन, अमांत- आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष (प्रातः 09:41 बजे तक), उपरांत कृष्ण पक्ष
तिथि: पूर्णिमा (प्रातः 09:41 बजे तक), उपरांत प्रतिपदा तिथि आरंभ।
दिन: सोमवार।
नक्षत्र: अश्विनी (सायं 05:41 बजे तक), उपरांत भरणी नक्षत्र।
योग: वज्र (दोपहर 02:16 बजे तक), उपरांत सिद्धि योग।
करण: बव (प्रातः 09:41 बजे तक), उपरांत बालव करण (रात्रि 08:24 बजे तक), तत्पश्चात कौलव करण।
प्रविष्टे: 10 कार्तिक
ऋतु: वैदिक ऋतु – शरद, द्रिक ऋतु – हेमंत।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)
सूर्योदय: प्रातः 06:36 बजे।
सूर्यास्त: सायं 05:34 बजे।
चन्द्रोदय: सायं 05:29 बजे (26 अक्तूबर)।
चन्द्रास्त: प्रातः 07:41 बजे (27 अक्तूबर)।
चन्द्र राशि: चंद्रमा संपूर्ण दिन-रात मेष राशि पर संचार करेगा।
सूर्य राशि: सूर्य देव तुला राशि में विराजमान हैं।
26 अक्तूबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05:00 से 05:48 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 से दोपहर 12:27 बजे तक।
अमृत काल: पूर्वाह्न 10:59 से दोपहर 12:28 बजे तक।
26 अक्तूबर 2026: राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।
यम गण्ड: पूर्वाह्न 10:43 से दोपहर 12:05 बजे तक।
कुलिक: दोपहर 01:27 से 02:49 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:27 से 01:11 बजे तक एवं दोपहर 02:38 से 03:22 बजे तक।
वर्ज्यम्: दोपहर 01:58 से 03:27 बजे तक एवं देर रात्रि 02:28 से 03:56 बजे तक (27 अक्तूबर प्रातः)।
26 अक्तूबर 2026 के प्रमुख व्रत और पर्व
आश्विन पूर्णिमा (स्नान-दान): पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान एवं सत्यनारायण पूजन।
वाल्मीकि जयंती: रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि जी का प्राकट्य उत्सव।
कार्तिक मास स्नान आरंभ: आश्विन पूर्णिमा से पवित्र कार्तिक स्नान, दीपदान और तुलसी सेवा का शुभारंभ।
सिद्धि योग आरंभ: दोपहर 02:16 बजे से शुभ कार्यों के लिए सिद्धि योग का प्रभाव।
26 अक्तूबर 2026 के लिए विशेष उपाय (Special Remedy)
आज सोमवार और पूर्णिमा-प्रतिपदा का अत्यंत पावन संयोग है। प्रातःकाल किसी पवित्र नदी, सरोवर या घर में ही नहाने के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। भगवान शिव का कच्चे दूध, गंगाजल और अक्षत से अभिषेक करें तथा उन्हें बेलपत्र अर्पित करें। इसके साथ ही शिवलिंग पर सफेद चंदन लगाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ अथवा महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। सायंकाल चंद्रोदय के समय तांबे अथवा चांदी के लोटे में जल, कच्चा दूध और श्वेत पुष्प डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। कार्तिक स्नान के उपलक्ष्य में तुलसी के पौधे के समीप गाय के शुद्ध घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करें। आज के दिन दूध, चावल, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करने से चंद्र दोष समाप्त होता है, मानसिक शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।