4 सितंबर 2026 का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष उपाय

7 घंटे पहले
5 September 2026 Ka Panchang

4 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का विशेष महत्व है। दैनिक पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को जानकर अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यदि आप 4 सितंबर 2026 को कोई मांगलिक कार्य, निवेश या यात्रा करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ समय और राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है। शास्त्रों के अनुसार, सही समय पर किया गया कार्य सफलता की संभावनाओं को बढ़ा देता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शुक्रवार का दिन धन, वैभव, ऐश्वर्य और सौन्दर्य की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी और शुक्र देव को समर्पित होता है। शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने और सफेद मिष्ठान का भोग लगाने से जीवन में सुख-समृद्धि, भौतिक सुख-साधनों और धन की प्राप्ति होती है तथा शुक्र ग्रह का शुभ प्रभाव प्राप्त होता है।

 

04 September 2026 Ka Panchang: ज्योतिषीय गणना, ग्रह और नक्षत्र

शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

मास: पूर्णिमांत– भाद्रपद, अमांत– श्रावण

पक्ष: कृष्ण

तिथि: सप्तमी (प्रातः 02:25 बजे तक), तत्पश्चात अष्टमी तिथि प्रारंभ।

दिन: शुक्रवार

नक्षत्र: रोहिणी (प्रातः 12:29 बजे तक, तत्पश्चात म्रृगशीर्षा नक्षत्र प्रारंभ।

योग: हर्षण (दोपहर 03:45 बजे तक), तत्पश्चात वज्र योग प्रारंभ।

करण: बव (प्रातः 02:25बजे तक), तत्पश्चात बालव (दोपहर 01:21 बजे तक) उपरांत कौलव प्रारंभ।

प्रविष्टे: 1९ भाद्रपद

ऋतु: वैदिक ऋतु – वर्षा, द्रिक ऋतु – शरद

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (शिमला, हिमाचल प्रदेश)

सूर्योदय: प्रातः 06:03 बजे

सूर्यास्त: सायं 06:38 बजे

चन्द्रोदय: रात 1१:१६ बजे

चन्द्रास्त: दोपहर 01:१७ बजे (4 सितंबर)

चन्द्र राशि: चंद्रमां वृषभ राशि पर संचार करेगा

सूर्य राशि: सूर्य देव सिंह राशि पर गोचर कर रहे हैं।

 

आज के मुख्य शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:27 से 05:15 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:55 से 12:45 बजे तक।

अमृत काल: प्रातः8:02 से 09:32 बजे तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर बाद 02:28 से 03:19 बजे तक।

 

राहुकाल और अशुभ समय (Ashubh Samay)

राहुकाल: सुबह 10:30 से 12 बजे तक। (इस समय शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं)।

यम गण्ड: दोपहर बाद 03:29 से सायं 05:04 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 08:35 से 09:25 बजे तक एवं दोपहर 12:46 से 01:37 बजे तक।

भद्रा (विष्टि): प्रातः 03:26 बजे तक (समाप्त)।

 

आज के प्रमुख व्रत और पर्व

श्री महालक्ष्मी पूजन एवं शुक्रवार व्रत: धन-धान्य, भौतिक सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली के लिए मां लक्ष्मी का विशेष पूजन।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व तैयारी (सप्तमी तिथि): भाद्रपद कृष्ण सप्तमी के पावन अवसर पर व्रत एवं भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की पूर्व तैयारी।

 

आज का विशेष उपाय (Special Remedy)

चूंकि आज शुक्रवार का दिन है और भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि का शुभ संयोग बन रहा है, इसलिए जीवन में सुख-समृद्धि, धन लाभ और मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने के लिए प्रातःकाल स्नान के पश्चात सफेद या गुलाबी वस्त्र धारण करें। मां लक्ष्मी को लाल कमल या गुलाब का फूल और खीर का भोग अर्पित करें तथा ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। किसी कन्या या जरूरतमंद को चावल, दूध या मिश्री का दान करना अत्यंत शुभ और सर्वकार्य सिद्धिदायक माना जाता है।

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