Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून की आफत ने एक बार फिर आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते बुधवार रात राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण राज्य के विभिन्न इलाकों में हुए भूस्खलन और सड़कों पर भारी मलबा आने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में बिजली के ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं और पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में भूस्खलन और मलबे के कारण वर्तमान में 95 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद पड़ी हैं। इसके साथ ही 43 बिजली ट्रांसफार्मर और 35 पेयजल योजनाएं ठप हो जाने से ग्रामीण व शहरी इलाकों में सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में बिलासपुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नैना देवी में सबसे अधिक 130.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी झमाझम बारिश का दौर जारी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 5 सितंबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 5 सितंबर को बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन जिलों में मूसलाधार बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 6 से 9 सितंबर तक भी बारिश का दौर जारी रहेगा, हालांकि इन दिनों के लिए विभाग की ओर से कोई विशेष चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है।