India News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को मथुरा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़कर ही विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को पूरा कर सकता है। दो दिवसीय दौरे पर कृष्ण नगरी पहुंचे मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी पर्व की पूर्व संध्या पर मथुरा जिले को ₹1,051 करोड़ की लागत वाली कुल 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करके बड़ी सौगात दी। उन्होंने भाजपा सरकार के शासनकाल में आए बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में दंगों और अराजकता के डर के बजाय हर्षोल्लास के साथ पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं।
मथुरा के ऐतिहासिक इतिहास और मंदिरों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदियों तक विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन वे भारत के जनमानस से भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी, वृंदावन की भक्ति, बरसाना की होली और गोवर्धन परिक्रमा की आस्था को नहीं मिटा सके। उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि भव्य राम मंदिर का निर्माण सदियों लंबे सभ्यतागत संघर्ष और सनातन परंपरा की अटूट भावना का ही परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरासत केवल स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान और लोक परंपराओं में बसी हुई है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक विकास को केवल ईंट-पत्थर, सड़क, बिजली और पानी तक सीमित रखा गया, जबकि देश की अमूल्य विरासत की अनदेखी और अपमान किया गया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 156 करोड़ पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जो राज्य की सुधरी हुई कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और बेहतरीन कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि नए भारत की प्रगति की नींव उसकी ऐतिहासिक और धार्मिक जड़ों से ही मजबूत होगी।