Kullu News: कुल्लू जिले में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला दंडाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं। इसके तहत जिले में रह रहे सभी प्रवासी मजदूरों, कामगारों, किरायेदारों, घरेलू सहायकों और फेरीवालों का संबंधित पुलिस स्टेशन या पुलिस चौकी में पंजीकरण एवं सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू द्वारा अवैध गतिविधियों और बाहरी लोगों की पहचान की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। यह आदेश 3 सितंबर 2026 से प्रभावी होकर अगले दो महीनों तक लागू रहेगा।
ठेकेदारों और मकान मालिकों की होगी सीधी जिम्मेदारी, होटल-होमस्टे संचालकों को रखने होंगे पहचान पत्र
जारी आदेशों के अनुसार, जिले में कार्यरत सभी नियोक्ताओं, ठेकेदारों, व्यापारियों और भवन स्वामियों को अपने पास काम करने वाले श्रमिकों और किरायेदारों की पूरी जानकारी पुलिस को देनी होगी। मकान मालिकों के लिए किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होगा। वहीं होटल, होम-स्टे और गेस्ट हाउस संचालकों को हर आगंतुक का पहचान पत्र, जैसे मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जांचकर उसका पूरा रिकॉर्ड और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके अलावा शॉल विक्रेता, रेहड़ी-फड़ी वाले, मोची तथा कृषि और निर्माण क्षेत्र के ठेका श्रमिकों का विवरण भी स्थानीय पुलिस थाने में जमा कराना होगा।
नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई, पंचायतों और स्थानीय निकायों को भी दिए गए निर्देश
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने में पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की भी मुख्य भूमिका रहेगी। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि व्यक्तिगत रूप से हर नागरिक को नोटिस देना संभव न होने के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।