Himachal News: शिमला में आयोजित हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कल्याण बोर्ड की 13वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने बड़ा आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि ओबीसी प्रमाण पत्र हर वर्ष नया बनवाने की अनिवार्यता से लोगों को आ रही परेशानियों को देखते हुए प्रदेश सरकार जल्द ही आवश्यक और राहतकारी कदम उठाएगी। बैठक के दौरान ओबीसी समुदाय की विभिन्न मांगों और सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिस पर सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उचित समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कांग्रेस सरकारों ने हमेशा अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस शासन के दौरान ही राज्य की पंचायतों, नगर निकायों और नगर निगमों में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण व्यवस्था शुरू की गई थी। भविष्य में भी जरूरत के अनुसार इस व्यवस्था में सुधार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुख-आश्रय योजना, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना और इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि जैसी कल्याणकारी योजनाओं से ओबीसी वर्ग सहित सभी वर्गों को लाभान्वित कर रही है।
तकनीकी संस्थानों में पारंपरिक कारीगरों को मिल सकता है आरक्षण: राजेश धर्माणी
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण और त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए थे। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के कौशल क्षेत्र से जुड़े लोगों, विशेषकर पारंपरिक मंदिर निर्माण का कार्य करने वाले समुदायों को तकनीकी शिक्षा संस्थानों में आरक्षण की सुविधा प्रदान करने पर गंभीरता से विचार करेगी।
बैठक में मुख्य सचिव के.के. पंत, सचिव सी.पी. वर्मा, निदेशक सुमित खिमटा सहित बोर्ड के गैर-सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे।