रमेश कंवर: केलांग
Lahaul Spiti News: जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के प्रशासनिक मुख्यालय केलांग स्थित पुराने परिधि गृह में शनिवार को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘सरकार गांव के द्वार’ के तहत एक विशाल जनसमस्या निवारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक अनुराधा राणा, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सड़कों की बदहाली, पेयजल किल्लत, राजस्व विवाद, ग्रामीण विकास, वन अधिकार तथा दूरसंचार सेवाओं में आ रही बाधाओं से जुड़े दर्जनों मामले प्रमुखता से उठाए गए। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने तथा लंबित तकसीम और निशानदेही के मामलों को त्वरित गति से निपटाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी भीषण सर्दियां और बर्फबारी शुरू होने से पहले जिले में सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना सुनिश्चित किया जाए।
उदयपुर क्षेत्र की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए मंत्री ने शकोली में पेयजल व्यवस्था, धार्मिक स्थल त्रिलोकीनाथ में सीवरेज व कचरा निस्तारण प्रणाली, बस व टैक्सी स्टैंड के निर्माण और सड़क मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। जीरो पॉइंट से शकोली तक टारिंग तथा नालडा सड़क की मरम्मत शीघ्र पूरी करने के आदेश दिए गए। जसरथ पुल पर निर्माणाधीन अस्थाई झूले का कार्य दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया।
थिरोट में पंचायत भवन तक जाने वाले रास्ते की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि एक लंबे समय से पेंडिंग पड़े तकसीम के मामले में अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है।
सलग्रां में मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी और फर्जी हाजिरी से जुड़ी शिकायत का संज्ञान लेते हुए मंत्री ने बीडीओ (BDO) को संबंधित पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सेवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मूरिंग-नैनगाहर, चिमरेट और तिंगरेट क्षेत्रों में बीएसएनएल (BSNL) नेटवर्क की कनेक्टिविटी सुधारने तथा अपर केलांग में स्वच्छ पेयजल व ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने पर बल दिया गया। इस दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों की विकासात्मक प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और 10 स्कूलों को 1 व 2 किलोवाट क्षमता के ऑफ-ग्रिड सोलर पैनल वितरित किए।
वन अधिकार अधिनियम (FRA) और स्थानीय विकास पर जोर
कैबिनेट मंत्री ने वन अधिकार अधिनियम (FRA) के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर अधिकारियों को हिदायत दी कि ग्राम स्तर पर संबंधित समितियों का गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआरए से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए राज्य और जिला स्तर पर नियमित बैठकें होंगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से शिक्षा, खेल, पर्यटन और बागवानी के बहुआयामी विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
विधायक ने डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की मांग उठाई
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अनुराधा राणा ने पंचायत स्तर पर लाइब्रेरी व आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने शकोली प्राथमिक विद्यालय को पुनः खोलने से संबंधित समस्या का मौके पर ही निपटारा होने की जानकारी दी और कहा कि ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम दूरदराज के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
उपायुक्त कार्यालय में पीएसी (PAC) की बैठक: विकास परियोजनाओं की समीक्षा
‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के उपरांत उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट एडवाइजरी कमेटी (PAC) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें लाहौल-स्पीति जिले में विभिन्न विभागों के अंतर्गत चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की प्रगति का बारीकी से लेखा-जोखा लिया गया।
पीएसी बैठक के मुख्य आकर्षण व प्रमुख एजेंडे:
गोंधला में सर्दियों के दौरान निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और प्रत्येक घर तक एंटी-फ्रीज पाइपलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा हुई।
जिले के 60 सरकारी विद्यालयों में सोलर पैनल स्थापित करने की योजना की समीक्षा की गई। इसके अलावा कुकुमसेरी कॉलेज मैदान, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थिति तथा स्कूलों के लिए ईंधन की लकड़ी के इंतजाम पर चर्चा हुई।
करगा में आधुनिक कोल्ड स्टोरेज की स्थापना और नाबार्ड के सहयोग से गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराने से जुड़ी परियोजना को मंजूरी देने पर विचार-विमर्श किया गया।
तिंदी में टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर, जिस्पा में क्लाइम्बिंग वॉल, सिस्सू में नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, गुस्ख्यार में वन स्टॉप सेंटर भवन तथा काजा में हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग एंड स्पोर्ट्स सेंटर के निर्माण को गति देने के निर्देश दिए गए।
केलांग में नए अग्निशमन केंद्र, त्रिलोकीनाथ मैदान के सौंदर्यीकरण, उदयपुर सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, एसकेटीटी भूमि अधिग्रहण, बीआरओ (BRO) की सड़कों और हेलिपैड निर्माण के लिए एफआरए (FRA) व एफसीए (FCA) क्लीयरेंस से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में मंत्री जगत सिंह नेगी ने सभी विभागाध्यक्षों को आपसी तालमेल बनाकर कार्य करने, अनापत्ति प्रमाण पत्रों (NOC) की प्रक्रिया में तेजी लाने और जनहित की परियोजनाओं को तय समयावधि में पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए।